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गोमती सफाई में भी सहयोग करेगा अडानी ग्रुप

बड़े प्रोजेक्ट लगाने के लिए मशहूर अडानी ग्रुप गोमती की सफाई में भी सहयोग करेगा। इसके लिए शहर में वह एसटीपी का निर्माण कराएगा। वहीं नमामि गंगे योजना के तहत कानपुर, फर्रुखाबाद और इलाहाबाद में भी एसटीपी लगाने की योजना है। इन योजनाओं को फलीभूत करने के लिए अडानी ग्रुप अपनी निवेश राशि में भी बढ़ोतरी कर सकता है।

अडानी ग्रुप के कारपोरेट हेड आनंद सिंह बिसेन ने बताया कि अडानी ग्रुप ने 22-23 फरवरी को आयोजित इन्वेस्टर समिट में 36 हजार करोड़ रुपये निवेश करने के लिए एमओयू किया था। लेकिन सरकारी नीतियों में सहूलियत और प्रदेश के अधिकारियों के सहयोगी रवैये को देखते हुए ग्रुप ने अब जो प्लानिंग की है, उसमें निवेश करने की राशि 37-38 हजार करोड़ रुपये तक जा सकती है। इन योजनाओं में गोमती और गंगा की सफाई में सहयोग भी शामिल है। अडानी ग्रुप जहां एक तरफ गोमती की सफाई के लिए एसटीपी बनाएगा, वहीं नमामि गंगे योजना के तहत कानपुर, इलाहाबाद और फर्रुखाबाद जैसे शहरों में भी एसटीपी के निर्माण के लिए तैयार है।

बीस हजार करोड़ का लाजिस्टिक हब बनेगा

उन्होंने बताया कि प्रदेश में जो निवेश किया जा रहा है, उसमें सबसे बड़ी राशि चोला-जेवर के बीच लॉजिस्टिक हब बनाने में लगायी जाएगी। यह हब बनाने में अडानी ग्रुप लगभग 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगा। जबकि इंटीग्रेटेड एग्री कॉम्प्लेक्स और फार‌च्यून ऑयल रिफाइनरी यूनिट लगाने में लगभग दो हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वहीं मेट्रो, एक्सप्रेस-वे, यूपीडा और उपशा में निवेश के लिए भी ग्रुप तैयार है।

आज का निवेश सालभर में देने लगेगा रोजगार

प्रदेश में आधुनिक प्लांट के जरिए मसाले की कंपनी के लिए 100 करोड़ का निवेश हो या 600 करोड़ रुपये से लग रहे पैकेजिंग प्लांट के अलावा 50 करोड़ रुपये से रायबरेली में दुग्ध प्लांट लगाने का काम शुरू हो चुका है। ये ऐसे प्लांट हैं, जिनमें एक साल के अंदर लोगों को रोजगार मिलना शुरू हो जाएगा। ये बातें इन्वेस्टर समिट में लघु उद्योग लगाने वाले निवेशकों ने कहीं।

छोटे उद्योगों ज्यादा सहयोग की जरूरत

रायबरेली में लग रहे दुग्ध प्लांट का फायदा आसपास के लगभग तीन हजार किसानों को भी मिलेगा। इस प्लांट के मालिक मुकेश बहादुर सिंह ने बताया कि 50 करोड़ रुपये की लागत से दुग्ध प्लांट लगाने का काम जोर-शोर से चल रहा है। उम्मीद है कि यह अगले वर्ष चालू हो जाएगा। वहीं 600 करोड़ रुपये की लागत से कानपुर देहात में पैकेजिंग प्लांट लगा रहे विजय अग्रवाल का कहना है कि यह कारोबार ऐसा है जो प्रदूषण मुक्त है। उन्होंने बताया कि इस तरह के कारोबार से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। 100 करोड़ रुपये की लागत से मसालों के लिए आधुनिक प्लांट लगा रहे संदीप गोयनका ने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ेगा तो रोजगार भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को छोटे उद्योगों को ज्यादा सहयोग करने की जरूरत है।

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