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जीआईएस 2023: यूरोपीय कंपनियां कृषि और फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की इच्छुक

गंगा हॉल में विदेशी औद्योगिक समूहों का संगम लखनऊ प्रमुख संवाददाता यूपी ग्लोबल...

जीआईएस 2023: यूरोपीय कंपनियां कृषि और फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की इच्छुक
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊSat, 11 Feb 2023 02:10 AM
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गंगा हॉल में विदेशी औद्योगिक समूहों का संगम

लखनऊ प्रमुख संवाददाता

यूपी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में नदियों के नाम पर जर्मन हैंगर के अलग अलग हॉल बनाए गए हैं। गंगा हॉल में विदेशी औद्योगिकि समूहों का संगम देखने को मिलेगा। यहां यूरोप भारत चैम्बर, इंडिया कनाडा चैम्बर के स्टॉल हैं तो जापान और सिंगापुर के प्रतिनिधि भी आए हुए हैं।

यूरोप के 10 देशों का औद्योगिक समूह यूपी को एक बड़े बाजार के रूप में देख रहा है। ईयूआईसी की रोनिता ने बताया कि यूरोप के देश खासतौर पर यूपी में खाद्य प्रसंस्करण और कृषि उद्योग लगाने के लिए इच्छुक हैं। अभी तक 10 से 11 कंपनियों ने अपनी इच्छा जताई है। इसके अलावा फ्रांस की एक कंपनी ऑलिव ऑयल उत्पादन के लिए यूपी आना चाह रही है। यहां एक दर्जन उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल आया हुआ है। यूपी में निवेश के लिए माहौल अच्छा है। यहां सड़क और रेल कनेक्टिविटी भी बेहतर है। रोनिता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपने सम्बोधन में खाद्य प्रसंस्करण और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा दिए जाने की बात कही है। इसलिए यूपी से उम्मीदें काफी हैं।

सिंगापुर से 21 कंपनियों का समूह

गंगा हॉल में ही सिंगापुर की 21 कंपनियों का समूह आया हुआ है। सिंगापुर इंडिया पार्टनरशिप ऑफिस की डेवलपमेंट पार्टनर त्योचु लेई ने बताया कि यहां 58 डेलीगेट्स आए हैं। यूपी में सिंगापुर की इन कंपनियों ने छह एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। उत्तर प्रदेश में बिजिनेस के लिए माहौल बेहतर है। साथ ही यहां की जनसंख्या काफी विशाल है। 24 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाला यह राज्य एक बड़ा बाजार भी है। ऐसे में यहां से काफी संभावनाएं हैं।

उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहती हैं जापानी कंपनियां

जापान सरकार के इकोनॉमिक सेक्शन काउंसलर त्सुचीया ताकेहीरो ने बताया कि हाल ही में जापान की कंपनियों ने राजस्थान और हरियाणा में निवेश किया है। उनकी सरकार वहां की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए सेतु का कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश की खास बात यहां की अच्छी सड़कें और देश की राजधानी दिल्ली के नजदीक होना है। दिल्ली एनसीआर में भी जापान के उद्यमियों ने निवेश किया है। अब यूपी में उद्याोग लगाना चाहते हैं। यहां की सरकार से उनको अच्छा सहयोग मिल रहा है।

जब बाकी की बैट्री डाउन हो जाएगी, आईआईटी कानपुर का ड्रोन उड़ता रहेगा

आईआईटी कानपुर ने भी गंगा हॉल में स्टॉल लगाया है। यहां विभ्रम कृषि ड्रोन को प्रदर्शित किया गया है। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अभिषेक ने बताया कि यह ड्रोन टिकाऊ और मजबूत है। सबसे बड़ी विशेषता कि यह पेट्रोल से संचालित है।

मौजूदा समय लीथियमआयन बैट्री से ही ड्रोन संचालित हो रहे हैं। वहीं आईआईटी कानपुर में विकसित किया गया ड्रोन उतना ही शक्तिशाली है और पेट्रोल से चलता है। सामान्य ड्रोन की बैट्री एक घंटे में खत्म होने लगती है। वहीं, यह ड्रोन उसके बाद भी उड़ता रहेगा। दो घंटे तक लगातार उड़ान में यह आठ लीटर ईंधन खर्च करता है। कृषि कार्य के लिए यह ड्रोन सबसे बेहतर साबित होगा। इसकी वजह यह भी है कि बैट्री संचालित ड्रोन का खर्च ज्यादा है। एक से डेढ़ साल या एक निश्चित संख्या की उड़ान के बाद उसकी बैट्री खराब हो जाती है। इसमें ऐसा कोई झंझट ही नहीं है। पेट्रोल भरते रहिए और ड्रोन को संचालित करिए।

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