Hindi NewsUttar-pradesh NewsLucknow NewsFraudulent Ayushman Cards Six Hospitals Under Scrutiny in UP
फर्जी आयुष्मान से इलाज में अस्पतालों को नोटिस

फर्जी आयुष्मान से इलाज में अस्पतालों को नोटिस

संक्षेप: Lucknow News - हिन्दुस्तान फॉलोअप -साचीज ने छह अस्पतालों पर शिकंजा कसा, नोटिस जारी की -जिलों में टीमें

Tue, 4 Nov 2025 09:10 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share Share
Follow Us on

हिन्दुस्तान फॉलोअप -साचीज ने छह अस्पतालों पर शिकंजा कसा, नोटिस जारी की -जिलों में टीमें भेजकर अस्पताल व लाभर्थियों की जांच होगी -प्रदेश के 100 से ज्यादा अस्पताल निशाने पर, इनमें फर्जी कार्ड से मरीजों का किया गया इलाज लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। यूपी ही नहीं देश के कई बड़े सरकारी अस्पतालों में फर्जी आयुष्मान कार्डों से मरीजों ने इलाज हासिल किया है। इसमें एम्स व पीजीआई जैसे सरकारी अस्पताल शामिल हैं। ज्यादातर मरीज ऑपरेशन के लिए सरकारी व प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। प्रदेश के करीब 100 सरकारी व प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं। लगभग 120 मरीजों ने जाली आयुष्मान कार्ड से इलाज हासिल किया है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

साचीज की शुरुआती जांच में छह अस्पतालों पर शिकंजा कसा गया है। स्टेट एजेंसी फॉर कम्प्रेन्हेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की तरफ से छह निजी अस्पतालों को नोटिस जारी की गई है। इन अस्पतालों में फर्जी आयुष्मान कार्ड से मरीजों को इलाज मुहैया कराया गया है। प्रत्येक अस्पताल में चार से छह मरीज फर्जी आयुष्मान कार्ड के माध्यम से भर्ती किए गए। इनमें मरीजों को दवा और ऑपरेशन से इलाज उपलब्ध कराया गया है। बरेली के बेग हॉस्पिटल में नकली आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। इसी अस्पताल में मरीज भी भर्ती किए गए हैं। अस्पताल को नोटिस जारी कर आयुष्मान योजना खत्म कर दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 100 सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में मरीजों को फर्जी आयुष्मान कार्ड से इलाज मुहैया कराया गया है। इन अस्पतालों की भूमिका की जांच की जा रही है। सर्जरी कराने वाले अधिक फर्जी आयुष्मान कार्ड से ज्यादातर मरीज अस्पतालों में सर्जरी कराने पहुंचे। साचीज के अफसरों ने जांच में पाया कि दवाओं से इलाज हासिल करने वालों की संख्या बहुत ही कम है। जबकि ऑपरेशन लायक मरीज अधिक हैं। एम्स ऋषिकेश, एम्स दिल्ली व पीजीआई जैसे संस्थानों में भी मरीज भर्ती हुए। इलाज भी हासिल किया। तीन से पांच हजार में कार्ड बने जालसाजों ने अपात्रों का जाली आयुष्मान कार्ड बनाने के एवज में मोटी कमाई की है। तीन से पांच हजार रुपये वसूल कर एक आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। पुलिस, साइबर व साचीज की जांच में यह अहम तथ्य सामने आए हैं। कुछ जिलों में जालसाजों ने कार्ड बनाने से लेकर इलाज कराने तक का ठेका लिया है। इसके एवज में फीस करीब 10 हजार रुपये तक वसूली गई है। आयुष्मान योजना के सॉफ्टवेयर को और बेहतर किया जा रहा है ताकि गड़बड़ियों को रोका जा सके। आयुष्मान कार्ड बनाने में फर्जीवाड़ा करने वालों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस व साइबर विशेषज्ञ मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। जिलों में टीमें भेजकर फर्जी आयुष्मान कार्ड से इलाज हासिल करने वालों की पहचान की जाएगी। अर्चना वर्मा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, साचीज