
ठग बन गया आईएएस! 80 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा
संक्षेप: Lucknow News - गुजरात कैडर का आईएएस और बहनों को आईपीएस बताकर 150 बेरोजगारों से 80 करोड़ की ठगी करने वाले जालसाज डॉ. विवेक मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। उसने फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए और कई राज्यों में ठगी की।
खुद को गुजरात कैडर का आईएएस और बहनों को आईपीएस बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर 150 बेरोजगारों से 80 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले जालसाज को सीआईडी और चिनहट पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार जालसाज गिरोह का सरगना डॉ. विवेक मिश्रा उर्फ आनंद मिश्रा है। उसने दो युवकों को डिप्टी एसपी और एक को गुजरात सरकार के जनसंपर्क अधिकारी का फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया था।
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा ने स्टिंग ऑपरेशन कर गिरोह के जालसाजों का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में वर्ष 2019 में चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। चिनहट पुलिस के साथ ही तफ्तीश में सीआईडी को भी लगाया गया था। जालसाज डॉ. विवेक मूल रूप से झारखंड के बोकारो जिले के चास शिवपुरी कॉलोनी का रहने वाला है। उसे सीआईडी की टीम के साथ मिलकर कमता तिराहे से पकड़ा गया है।
पुलिस ने बताया कि अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा की मुलाकात विवेक से चिनहट क्षेत्र में हुई थी। विवेक ने बताया था कि वह गुजरात कैडर का आईएएस है। उसकी दो बहनें निधि मिश्रा और विधि मिश्रा आईपीएस हैं। उसकी केंद्र सरकार और आयोग में ऊंची पहुंच है। विवेक ने आशुतोष के परिचित की गुजरात सरकार में जनसंपर्क अधिकारी की नौकरी लगवाने का दावा किया था। पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। जालसाज विवेक ने यूपी के अलावा बिहार, दिल्ली, झारखंड, गुजरात और कई अन्य राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा हैं। यहां के तमाम लोगों से उसने ठगी की थी। गिरोह के अन्य जालसाजों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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