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मलकपुर चीनी मिल पर चर्चा में गन्ना आयुक्त ने कहा-बहुत रायता मत फैलाइए

--मलकपुर चीनी मिल पर चर्चा में

मेरठ परिक्षेत्र की गन्ना सुरक्षण बैठक के दौरान बागपत की मलकपुर चीनी मिल के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा सबसे गरम रहा। इस चीनी मिल पर किसानों का 484 करोड़ रुपये बकाया है। गन्ना समिति के प्रस्ताव और किसानों के हंगामे पर झल्लाए गन्ना आयुक्त संजय भूसरेड्डी ने कहा-‘बहुत रायता मत फैलाइए। समाधान तलाशने का प्रयास करिए। विभाग की कोशिशों पर भरोसा न करने के कारण ही यह मामला इतना उलझ गया है।

बागपत की रमाला व बागपत चीनी मिलों के गन्ना आरक्षण पर चर्चा के बाद गन्ना आयुक्त ने बुलंशहर की अनूपशहर चीनी मिल पर पहले चर्चा कराने का प्रस्ताव रख दिया। इससे किसान भड़क गए। उनका कहना था कि क्रमवार चर्चा में पहले मलकपुर चीनी मिल पर चर्चा होनी चाहिए। किसानों के विरोध को देखते हुए गन्ना आयुक्त मलकपुर पर चर्चा के लिए तैयार हो गए। गन्ना परिषद मलकपुर के अध्यक्ष धूम सिंह ने चीनी मिल पर 484 करोड़ का बकाया दिलाने की मांग की।

उन्होंने समिति से पारित इस प्रस्ताव की भी जानकारी दी कि गन्ना किसान बकाया मिलने तक मलकपुर चीनी मिल को अपना गन्ना नहीं देंगे। गन्ना विभाग यदि यह चीनी मिल चलवाना चाहता है तो वह मिल पर रिसीवर बैठाए। इस मांग पर गन्ना आयुक्त ने कहा कि यदि समिति का ऐसा प्रस्ताव है तो यह भी बताइये कि गन्ना फिर कहां जाएगा? हमारी पेराई क्षमता अभी इतनी नहीं है। रमाला (बागपत), पिपराइच (गोरखपुर) व मुंडेरवा (बस्ती) की चीनी मिलों को दोबारा शुरू कराने के बाद भी समस्या दूर नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि मलकपुर चीनी मिल के बकाए का मामला इतना उलझा दिया गया कि अब विभाग के हाथ बंध गए हैं।

हाईकोर्ट ने मलकपुर चीनी मिल का ‘पेमेंट प्लान स्वीकार कर लिया है, जिससे चीनी मिल को 31 मार्च तक का समय मिल गया है। गन्ना आयुक्त ने कहा कि विभाग ने मलकपुर चीनी मिल का बकाया दिलाने का जो प्लान तैयार किया था, उसे होने ही नहीं दिया गया। इसी प्लान से मोदीनगर चीनी मिल का पिछले वर्ष का भुगतान हो गया। मोदीनगर व मलकपुर चीनी मिल पिछले 15 वर्षों से पिछले सत्र का भुगतान अगले पेराई सत्र में करती आ रही थी। उन्होंने इस परंपरा को तोड़ा। गन्ना आयुक्त ने कहा कि किसान आपस में तय कर लें कि वे नए सत्र का भुगतान पहले चाहते हैं या पिछले सत्र का, एक साथ दोनों सत्र का भुगतान संभव नहीं है। उन्होंने रिसीवर बैठाकर चीन मिल चलाने की मांग ठुकरा दी।

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  • Web Title:former targeted malakpur sugar mil