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गेहूं खरीद में शिकायतों की जांच के लिए कमेटी गठित, कल तक मांगी रिपोर्ट

धान खरीद में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा के खुलासे के बाद गेहूं की मौजूदा खरीद में इसकी पुनरावृत्ति न होने देने के लिए खाद्य विभाग सर्तक हो गया है। खाद्य विभाग ने जिलों में गेहूं खरीद में शिकायतों की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। कमेटी से 24 मई शाम 5 बजे तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।

खाद्य आयुक्त आलोक कुमार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक जांच कमेटी में जिले के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहकारिता विभाग के जिला निबन्धक या सहायक आयुक्त, भारतीय खाद्य निगम के प्रबन्धक स्तर के अधिकारी को रखा गया है।

इनकी होगी जांच

जिन खरीद एजेन्सियों के केन्द्रों की जांच होगी उनमें पंजीकृत सहकारी समिति, मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी (एडको, नैकॉफ), नैफेड, एन.सी.सी.एफ. एवं पी.सी.यू. के प्राइवेट समितियों द्वारा संचालित गेहूं खरीद केन्द्र शामिल है।

इन बिन्दुओं पर होगी जांच

केन्द्र पर गेहूं खरीद, ऑनलाइन फीडिंग, खरीद नीति के अनुसार किसानों का 72 घंटे के अन्दर आरटीजीएस से भुगतान, केन्द्र पर अवशेष स्टॉक, बोरों के लेखा-जोखा की जांच करने और भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये गए है।

खाद्य आयुक्त ने कहा है कि प्रदेश में अब तक 38 लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है जो लक्ष्य का 76 फीसदी है। बीते साल अभी तक मात्र 23.21 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। प्रदेश में प्रतिदिन करीब एक लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो रही है। खुले बाजार में गेहूं की मांग कम होने के कारण खरीद केन्द्रों पर गेहूं की आवक काफी अधिक हो रही है। यही कारण है कि कई खरीद केन्द्रों पर बिचौलियों-आढ़तियों के सक्रिय होने और वास्तविक किसान को गेहूं बेचने में देरी होने की शिकायतें मिल रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन शिकायतों को दूर करने के लिए ही जांच कराने का फैसला लिया गया है।

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  • Web Title:food dept. constitute Committee to examine complaints in wheat procurement