काठमांडू पर चक्कर काट लखनऊ में उतरा विमान
Lucknow News - दुबई से काठमांडू आ रही फ्लाई दुबई की उड़ान को शनिवार को नेविगेशन सिस्टम में दिक्कत के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। विमान में 154 यात्री थे और तकनीकी समस्या के समाधान के बाद यह सुबह 9:30 बजे काठमांडू के लिए वापस गया। विमान में कम ईंधन की स्थिति के कारण हड़कम्प मच गया था।

दुबई से काठमांडू पहुंची थी फ्लाई दुबई की उड़ान, नेविगेशन सिस्टम में कुछ दिक्कत के कारण उतर नहीं सकी विमान में सवार थे 154 यात्री, लखनऊ में ईंधन भरकर सुबह करीब 9:30 बजे वापस काठमांडू गया विमानलखनऊ प्रमुख संवाददातानेपाल के काठमांडू हवाई अड्डे पर शनिवार को कुछ समय के लिए नेविगेशन सिस्टम में दिक्कत आ गई। नतीजतन दुबई से काठमांडू पहुंची फ्लाई दुबई की फ्लाइट वहां उतर नहीं सकी। हवा में दो से तीन चक्कर लगाने के बाद उसे लखनऊ एयरपोर्ट डायवर्ट कर दिया गया।एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार फ्लाई दुबई की फ्लाइट एफजेड 1133 शनिवार की सुबह 8:30 बजे काठमांडू से डायवर्ट हो कर आई।
इस फ्लाइट में करीब 154 यात्री थे। तकनीकी समस्या दूर होने के बाद फ्लाइट यहां से फ्लाइट 9:30 बजे गई। एयरलाइंस सूत्रों के अनुसार काठमांडू का आल्टरनेट एयरपोर्ट लखनऊ है और दोनों जगह के एटीसी में समन्वय है। ऐसे में वहां कंजेशन होने पर फ्लाइट लखनऊ भेज दी गई। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार नेपाल एटीसी से रिपोर्ट थी कि वहां नेविगेशन में दिक्कत आई थी। विमान ने यहां ईंधन भी भरवाया।कम ईंधन की सूचना से हड़कम्पएयरपोर्ट पर अलर्ट में विमान में ईंधन कम होने की बात कही गई। इससे एजेंसियों में हड़कंप मच गया। लो फ्यूल की स्थिति में इमरजेंसी लैंडिंग की जाती है। इस प्रक्रिया में एम्बुलेंस और दमकल के वाहन एयरसाइड में तैनात होते हैं। एटीसी के पास पायलट की ओर से किसी इमरजेंसी की जानकारी न होने पर इमरजेंसी लैंडिंग का अलर्ट नहीं जारी किया गया। विमान सामान्य रूप से उतरा और वापस चला गया।फ्लाइट डायवर्जन में लखनऊ और जयपुर एयरपोर्ट की भूमिका महत्वपूर्णनेपाल में तीन अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं जिनमें से मुख्य काठमांडू स्थित त्रिभुवन एयरपोर्ट है। यह 17 देशों के 40 से अधिक गंतव्यों को जोड़ता है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन एटीसी गिल्ड (इंडिया) के महासचिव आलोक यादव के अनुसार फ्लाइट डायवर्ट करने के लिए रूट अहम हैं। दिल्ली के ऊपर से आने वाली जो फ्लाइट हैं उन्हें नजदीकी एयरपोर्ट भेजा जाता है। दिल्ली रूट से काठमांडू जाने वाले विमानों के लिए यह लखनऊ है। दूरी भी ज्यादा नहीं है,काठमांडू से लखनऊ के बीच हवाई दूरी लगभग 454 किलोमीटर (245 समुद्री मील) है। यदि मुम्बई रूट से फ्लाइट आ रही है तो उसको जयपुर भेजा जाएगा। ऐसा सुरक्षा कारणों से किया जाता है। डायवर्जन के लिए प्रमुख तीन एयरपोर्ट हैं जिनमें लखनऊ, जयपुर और अमृतसर हैं। इसके अलावा प्रयागराज, चंडीगढ़, अम्बाला भी नजदीक हैं लेकिन इसके लिए सुरक्षा के तहत अनुमति नहीं है। देहरादून एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग नहीं है।अतिरिक्त ईंधन रखते हैं विमानअन्तरराष्ट्रीय उड़ानें लम्बी दूरी तय करती हैं। एयरलाइंस के अनुसार ऐसे में पायलट विमान में ईंधन पर्याप्त स्तर पर बनाए रखता है। यदि लम्बा डायवर्जन भी करना पड़ा तो दिक्कत न हो। फ्लाई दुबई की इस फ्लाइट का विमान बोइंग 737 मैक्स-8 है। यह दुबई से काठमांडू के बीच लगभग 12,500 - 14,375 लीटर ईंधन खर्च करता है। उड़ान पूरी होने के बाद विमान में लगभग 9,000 से 10,500 लीटर ईंधन शेष रहता है। लखनऊ डायवर्ट होने के बाद भी इसमें करीब 7,700 - 8,200 लीटर ईंधन बचा था, फिर भी पायलट ने रीफ्यूलिंग करवा ली ताकि कोई जोखिम न रहे।
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