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लखनऊ

पांच स्थान पांच रिपोर्टर: कहीं नियम तार-तार, तो कहीं चॉकलेट और गुब्बारों से स्वागत

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 07:10 PM
पांच स्थान पांच रिपोर्टर: कहीं नियम तार-तार, तो कहीं चॉकलेट और गुब्बारों से स्वागत

-पौने दो साल बाद खुले स्कूल, आधे बच्चे ही पहुंचे स्कूल

- प्राइवेट स्कूलों में दिखी रौनक, फूल और गुब्बारों से सजे विद्यालय

-मिशनरी स्कूल में 10 प्रतिशत ही उपस्थिति रही

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

बुधवार.. सुबह 9 बजे का समय.. लखनऊ की सुबह एक बार फिर मासूम कहकहों और नटखट चुलबुलाहट से गुलजार दिखी। करीब पौने दो साल तक लगा रहा अल्पविराम टूटा। क्लास एक से पांच तक के स्कूल खुले तो रौनकें अपने पते पर वापस लौट आईं। कड़क यूनिफॉर्म पहने, गले में टाई लटकाए, पीठ पर बैग टांगकर बच्चों ने स्कूलों में एंट्री ली। स्कूलों को उनके स्वागत के लिए खासतौर से तैयार किया गया था। जगह-जगह गुब्बारों की सजावट थी और फूलों से क्लासरूम महक रहे थे।

हालांकि कई जगह कोरोना के नियम भी टूटते दिखे। मनमौजी बच्चे लंबे समय बाद मिले तो उनको कंट्रोल करना मुश्किल हो गया। मास्क गले में लटके नजर आए तो सैनिटाइजर भी बस शोपीस की तरह स्कूलों के गेट पर ही रखा रह गया।

एसकेडी एकेडमी, इरम पब्लिक स्कूल, सेंट जोसफ विद्यालय, लखनऊ पब्लिक स्कूल, सेन्ट्रल अकादमी, अवध कॉलिजिएट, ब्राइटलैण्ड स्कूल, वरदान इंटरनेशनल, कैरियर कान्वेंट लगभग सभी स्कूलों का यही हाल रहा। सभी जगह खूब सजावट की गई और सावधानियों का ध्यान भी रखा गया। एक सीट पर एक बच्चे को बैठाया गया। स्कूल में बच्चे तीन से साढ़े तीन घंटे तक रहे। लेकिन आते और जाते समय लापरवाहियां भी खूब हुईं।

इन्दिरा नगर

सैकड़ों बच्चे, कोई सोशल डिस्टेंसिंग नहीं (9.30 बजे)

इन्दिरा नगर आम्रपाली चौराहे के पास स्थित श्री वर्धमान इंटर कॉलेज में सैकड़ों बच्चों की भीड़ गेट पर ही जमा थी लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं था। न थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था थी न सैनिटाइजर दिया जा रहा था। सैनिटाइजर की एक बोतल रखी थी जिसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। विद्यालय की प्रधानाचार्या ने कहा कि पहला दिन होने की वजह से अव्यवस्था है कल से सुधार करेंगे।

केन्द्रीय विद्यालय

मास्क लगाकर, समझाकर भेजते दिखे अभिभावक (1 बजे)

केन्द्रीय विद्यालय गोमती नगर में बच्चों के प्रवेश के समय थर्मल स्कैनिंग और मास्क देखने के बाद ही प्रवेश दिया गया। बच्चों के स्वागत के लिए विद्यालय को गुब्बारों से सजाया गया था। दूसरी पाली में जो अभिभावक बच्चों को छोड़ने आए वे सभी बार-बार समझा रहे थे कि बेटा मास्क नहीं उतारना। विद्यालय में बच्चों को एक सीट छोड़कर बैठाया गया।

सीएमएस

फेस शील्ड के साथ प्रार्थना (8.30)

सीएमएस गोमती नगर में सुबह की पाली में बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रवेश दिया गया। थर्मल स्कैनिंग भी की गई। इसके बाद क्लास में ही प्रार्थना हुई। प्रार्थना के समय बच्चे फेस शील्ड लगाए हुए थे। बच्चों की देखरेख में अभिभावक सर्तक दिखे। सीएमएस कानुपर रोड पर भी कोराना नियमों का पालन किया गया।

कैथ्रेडल स्कूल

सहमति पत्र के बाद मिला प्रवेश (सुबह 9 बजे)

कैथ्रेडल स्कूल में सभी शिक्षक नियमों का पालन कराते दिखे। कक्षा एक से पांच तक उपस्थिति कम थी। सिर्फ उन्ही बच्चों को बुलाया गया था जिनके अभिभावकों ने भेजने की सहमति दी थी। सहमति पत्र बच्चे साथ लेकर आए थे। मुख्य द्वार पर सबसे पहले सहमित पत्र देखा गया। इसके साथ थर्मल स्कैनिंग की गई। बाद में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रवेश दिया गया।

उच्च प्राथमिक विद्यालय

पहले सैनिटाइजर फिर लगाया टीका (सुबह 8 बजे)

जियामऊ स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के छात्र सुबह 8 बजे स्कूल पंहुचे। स्कूल के मुख्य द्वार बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लाइन में खड़ा किया। इसके बाद एक शिक्षिका ने बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए और दूसरी शिक्षिका ने बच्चों को टीका लगाया। इसके बाद छात्रों को स्कूल में प्रवेश दिया। क्लास में भी सोशल डिस्टेंसिंग बनायी रखी गई।

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