भाकियू किसानों ने इंदिरा भवन में पूड़ियां तलीं, हलवा बनाया
भाकियू (अराजनैतिक) के किसानों ने चकबंदी विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इंदिरा भवन परिसर में धरना देने आए किसानों ने चूल्हा जलाकर खाना बनाया। चकबंदी निदेशालय के अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की और लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। अगर एक माह में कार्रवाई नहीं हुई, तो पुनः आंदोलन होगा।

चकबंदी विभाग के खिलाफ भाकियू (अराजनैतिक) का प्रदर्शन लिखित आश्वासन के बाद शाम चार बजे किसानों से धरना किया स्थगित
लखनऊ, संवाददाता।
प्रदर्शन का कारण
चकबंदी विभाग की मनमानी, किसानों का उत्पीड़न व शिकायतों का निस्तारण न किए जाने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के किसानों ने गुरुवार को इंदिरा भवन-जवाहर भवन परिसर में डेरा डाल दिया। अनिश्चितकालीन धरने की तैयारी के साथ तेल, लकड़ी लेकर आए किसानों ने इंदिरा भवन परिसर में चूल्हा फूंका। ईंटों से तैयार अस्थायी चूल्हों पर आलू, टमाटर, धनिया, मिर्चा काटकर सब्जी के लिए भगोने चढ़ा दिये। पूड़ियां तली जाने लगीं, हलावा बनाया गया।
किसानों की मांगें
भाकियू (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी हरनाम सिंह वर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के कई जिलों से आये किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। सतवीं मंजिल पर स्थित चकबंदी निदेशालय के नीचे परिसर में बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। किसानों ने कहा जबतक चकबंदी से जुड़ी किसानों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान नहीं किया जाएगा किसान यहीं खाना बनाएंगे और जमे रहेंगे।
वार्ता और आश्वासन
किसानों का गुस्सा और प्रदर्शन तेज होता देख चकबंदी विभाग के अधिकारी हरकत में आये और चकबंदी निदेशालय के सभागार में किसानों को वार्ता के बुलाया। प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने बताया कि विभाग से लिखित आश्वासन मिलने के बाद शाम चार बजे आंदोलन को स्थागित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि एक माह का समय दिया गया है। आश्वासन पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो 17 जून को प्रदेशव्यापी पंचायत लगायी जाएगी।
सामान्य प्रश्न
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