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फैजाबाद : बच्चों ने सीखा डेंगू व जेई से बचाव के गुर

फैजाबाद : बच्चों ने सीखा डेंगू व जेई से बचाव के गुर

संचारी रोग नियंत्रण माह के अन्तर्गत स्कूली बच्चों को डेंगू व जेई के विषय में जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित की गयी। इस कार्यशाला में मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए बच्चों को आवश्यक जानकारी दी गई।
डेंगू के विषय में जानकारी देते हुये जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.एमए खान ने बताया कि ऐडीज नामक मच्छर के काटने से डेंगू बुखार होता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है जो अधिकतर दिन में ही काटता है। उन्होंने डेंगू बुखार के लक्षण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीन से लेकर सात दिन तक तेज बुखार,तेज सिर दर्द, जोड़ों में तेज दर्द, उल्टी एवं जी मचलाना, गंभीर हालत में आंतरिक या वाह्य रक्तस्राव होना एवं बहुत कमजोरी आना डेंगू बुखार के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू की कोई सटीक दवा नहीं है। फिर भी डेंगू से बचाव के साधनों एवं चिकित्सीय परामर्श की सहायता से जान के खतरे से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस मौसम में बुखार हो तो वह बिना चिकित्सीय सलाह के मेडिकल स्टोर से बुखार की दवा ना खाए। डेंगू बुखार में ए्प्रिरन ग्रुप कि दवा खाना खतरे से खाली नहीं है। डेंगू से डरने की कोई जरूरत नहीं है । मात्र एक प्रतिशत डेंगू ही जानलेवा है। उन्होंने बच्चों को इससे बचाव के बारे में जानकारी देते हुये कहा कि बच्चे स्कूल के समय भी पूरी आस्तीन की कमीज व फुल पैंट पहनें। डॉ. खान ने स्कूल प्रशासन से अनुरोध किया कि स्कूल परिसर को साफ-सुथरा रखें। बरसात के मौसम में परिसर में पानी जमा न होने दें। वाटर कूलर या नल के पास भी पानी का जमाव न होने दें।
दिमागी बुखार से बचाव के प्रति भी किया जागरूक
कार्यशाला में जेई (दिमागी बुखार) के विषय में भी जानकारी दी गयी। बताया गया कि दिमागी बुखार भी मच्छरों के ही काटने से होता है । इससे सबसे अधिक खतरा बच्चों को ही होता है। तेज बुखार, सिरदर्द एवं उल्टी का आना दिमागी बुखार के लक्षण हैं। दिमागी बुखार बच्चों में होने वाला एक गंभीर रोग है।
इसकी कोई सटीक दवा उपलब्ध नहीं है। फिर भी समय से टीकाकरण के माध्यम से बच्चों को जेई से बचाया जा सकता है। जेई के टीके को नियमित प्रतिरक्षण में शामिल किया गया है। इसे प्रति बुधवार एवं शनिवार को जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर लगाया जाता है। जेई का दो टीका बच्चों को लगाया जाता है। पहला टीका नौ माह से 12 माह के बच्चे को एवं दूसरा बूस्टर डोज एक से दो साल तक के बच्चों को दिया जाता है। इस दौरान वरिष्ठ मलेरिया इंस्पेक्टर राजेश कुमार, मलेरिया इंस्पेक्टर नितिन नायर एवं आलोक शुक्ल व स्कूल के बच्चे मौजूद रहे।

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  • Web Title:Faizabad: Children learned to protect from dengue and je