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पूर्वांचल एक्सप्रेस वे तीन साल से कम वक्त में पूरा कराने की तैयारी

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे तीन साल से कम वक्त में पूरा कराने की तैयारी

 

यूपी की भाजपा सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट तीन साल से कम वक्त में पूरा करने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री द्वारा शनिवार को आजमगढ़ में शिलान्यास होने वाले इस एक्सप्रेस वे काम पांच कंपनियां मिल कर 2021 तक पूरा करेंगी। यूपीडा इस काम के तकनीकी सलाहकार के तौर पर पूरे काम की निगरानी करेगा। छह लेन का एक्सप्रेस जब यह बनेगा तो यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होगा।

औद्योगिक विकास विभाग ने शिलान्यास समारोह की पूर्व संध्या पर इस एक्सप्रेस वे बनाने वाली कंपनियों को लेटर आफ अवार्ड जारी करते हुए इसका विस्तृत शासनादेश जारी कर दिया है। एक्सप्रेस वे छह लेन का बनेगा। निर्माण कंपनियों को टारगेट समय से पहले पूरा करने पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। एक्सप्रेस वे अब 340.824 किमी का होगा। सिविल निर्माण लागत 11216.10 करोड़ रुपये होगी। इसमें जीएसटी की दरें शामिल नहीं हैं।

एक्सप्रेस वे पर बनेगा एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम

एक्सप्रेस वे पर यातायात संचालन, नियंत्रण व निगरानी के लिए आटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा। इसमें वीडियो कैमरे, वाहन गति मापक यंत्र, कंट्रोल रूम शामिल है। इसके अलावा एक्सप्रेस वे के मोड़ों पर दूसरी ओर से आ रहे वाहनों की हेडलाइट से बचाव के लिए एंटी ग्लेयर स्क्रीन भी लगाई जाएगी।

एक्सप्रेस वे का स्वरूप

एक्सप्रेस वे के एक ओर 3.75 मीटर चौड़ाई का सर्विस रोड बनाई जाएगी। एक्सप्रेस वे को क्रास करने वाले मार्गों पर 10 किमी दूरी तक के गावों को एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी देने के लिए मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। सुल्तानपुर में 3.2 किमी लंबी हवाई पट्टी लड़ाकू विमानों के उपयोग के लिए बनेगी। नौ जिलों लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, फैजाबाद, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ होता हुआ गाजीपुर में खत्म होगा। यहां से यूपी बिहार की सीमा केवल 18 किमी दूर है।

एक्सप्रेस वे में बनेंगे

7 रेलवे ओवर ब्रिज

7 बड़े पुल

112 छोटे पुल

11 इंटरचेंज

7 टोल प्लाजा

4 रैंप प्लाजा

220 अंडरपास

496 पुलिया

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