Hindi NewsUttar-pradesh NewsLucknow NewsExplosion at Illegal Firecracker Factory in Lucknow Two Dead Police Under Scrutiny
दीपावली के लिए आलम ने डंप कर ली थी बारूद

दीपावली के लिए आलम ने डंप कर ली थी बारूद

संक्षेप:

Lucknow News - लखनऊ के बेहटा बाजार गांव में रविवार को एक अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ, जिसमें फैक्टरी संचालक आलम और उसकी पत्नी मुन्नी की मौत हो गई। पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं कि कैसे यह अवैध फैक्टरी रिहायशी...

Aug 31, 2025 09:54 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share Share
Follow Us on

लखनऊ। गुड़ंबा के बेहटा बाजार गांव में रविवार सुबह अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में किस तरह की सामग्री इस्तेमाल की गई थी, यह तो जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन घटनास्थल पर हालात उसकी भयावहता बयां कर रहे हैं। इस धमाके में फैक्टरी के अलावा तीन अन्य मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। माना जा रहा है कि दीपावली पर्व को देखते हुए फैक्टरी संचालक ने काफी बारूद जमा कर रखी थी। उसने दीपावली को लेकर पटाखा कारोबारियों से आर्डर भी लेने शुरू कर दिए थे। एक पटाखा कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह हर साल दीपावली में पटाखे की दुकान लगाता है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इस बार उसने आलम से पटाखे का सामान लेने की बात की थी। इसके लिए आलम ने उससे एडवांस पैसे मांगे। इसके चलते उसने आलम को पांच हजार रुपये देकर आर्डर बुक करा दिया था। उसने यह भी बताया कि मैं तो दुकानदार हूं। जब दीपावली आती है तो तीन दिन के लिए लाइसेंस लेकर काम कर लेता हूं, लेकिन रिहायशी इलाके में यह फैक्टरी चलना गलत है। वारदात के बाद जागती है पुलिस बेहटा बाजार गांव में चल रही पटाखा फैक्टरी में रविवार को जब धमाका हुआ तो क्षेत्रीय पुलिस के चेहरे की भी हवाईयां उड़ गईं। दरअसल, यह जिम्मेदारी क्षेत्रीय पुलिस की थी, कि वहां अवैध रूप से कैसे पटाखा फैक्टरी चल रही थी। लेकिन पुलिस ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई, या यूं कहें कि पुलिस जान कर भी अंजान बनी हुई थी। जब वारदात हुई तब पुलिस की नींद खुली। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सभी को पता था कि आलम के घर में अवैध रूप से रिहायशी इलाके के बीच में पटाखा फैक्टरी चल रही है। वह लोगों के आर्डर लेकर भी आतिशबाजी का सामान सप्लाई करता था। शादी-बारातों में भी आतिशबाजी के लिए जाता था। क्या सिर्फ पुलिस ही थी, जिसे इस अवैध फैक्टरी के बारे में पता नहीं था। लोगों का दावा है कि पुलिस सब जानती थी, लेकिन मामले को नजर अंदाज किए हुए थी। जेसीबी से मलबा हटा, टुकड़ों में निकाली गई मुन्नी की लाश घर में चल रही पटाखा फैक्टरी में धमाके के बाद पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया था। फैक्टरी संचालक आलम और उसकी पत्नी मुन्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसके बेटे घायल हो गए। ग्राम प्रधान पति विनोद जायसवाल के मुताबिक घटना की जानकारी होते ही वह फौरन मौके पर पहुंचे। पुलिस व एंबुलेंस बुलाई। मौके से घायलों को इलाज के लिए भेजा गया। फैक्टरी संचालक आलम का शव निकाला गया, लेकिन उसकी पत्नी का पता नहीं चला, जिसके बाद जेसीबी बुलाकर मकान का मलबा हटाया गया। मलबे के नीचे आलम की पत्नी मुन्नी की टुकड़ों में लाश बरामद हुई। कब क्या हुआ 11:30 बजे पूर्वान्ह हुआ विस्फोट 11:35 बजे मची अफरा-तफरी 11:40 बजे घायल युवक को लोगों ने निकाला 11:45 बजे चौकी से पहुंचे दो सिपाही 12:15 बजे के करीब पुलिस बल पहुंचा 12:20 बजे बुलाई गई एंबुलेंस 12:25 बजे बुलाई गईं दमकल की गाड़ियां 12:30 बजे मलबा हटाने के लिए बुलाई जेसीबी 12:45 बजे पहुंची जांच एजेंसियां 01:15 बजे पहुंचे डीएम, जेसीपी कानून व्यवस्था 01:20 बजे सुलगती आग को फिर बुझाया गया 01:40 बजे वापस हुए पुलिस व प्रशासनिक आला अधिकारी