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शराब की बोतलों पर अंकित मूल्य से ज्यादा वसूले जाने पर आबकारी मंत्री नाराज

विशेष संवाददाता-राज्य मुख्यालयप्रदेश के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने राज्य में लाइसेंसी दुकानों से शराब की बोतलों पर अंकित मूल्य से ज्यादा वसूले जाने पर सख्त नाराजगी जतायी है। मंगलवार को लखनऊ में आवास विकास परिषद के सभागार में विभागीय कामकाज की समीक्षा के दौरान उन्होंने आगरा से उनके मोबाइल फोन पर एक वीडियो क्लीपिंग का हवाला देते हुए कहा कि वहां देसी शराब का पउवा 69 रुपये के अंकित मूल्य के बजाए 70 रुपये में लाइसेंसी दुकानों से बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो सूचना मिली हैं उनके मुताबिक इस काम में विभागीय लोगों की भी मिलीभगत है। बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी दीपक त्रिवेदी, आबकारी आयुक्त धीरज साहू के अलावा सभी जिलों के जिला आबकारी अधिकारी, संयुक्त, उप और सहायक आबकारी आयुक्त शामिल थे। बैठक के दौरान विभागीय अफसरों ने जानकारी दी कि अक्टूबर में आबकारी मद से राजस्व संग्रह 79 प्रतिशत रहा जो कि पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 10.5 प्रतिशत ज्यादा है। लाइसेंसी दुकानों से देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर की बिक्री में गोरखपुर और वाराणसी अव्वल रहे क्योंकि इन दोनों जिलों को बिहार की शराबबंदी का पूरा फायदा मिल रहा है। बैठक में इस बात पर भी तसल्ली जताई गई कि जब से आबकारी अधिनियम में बदलाव करते हुए जहरीली शराब से होने वाली मौतों के जिम्मेदारों को मृत्यु दंड सहित सख्त सजा दिए जाने के प्रावधान किए गए हैं तब से प्रदेश में अवैध शराब बनाने और बेचने के मामलों में कमी आयी है। बैठक में आबकारी राजस्व के अलावा प्रवर्तन कार्यों की भी समीक्षा की गयी।

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