
खेल---शहर में लगेगा स्टार क्रिकेटरों का जमावड़ा
Lucknow News - टी-20 लीग के बाद इकाना स्टेडियम में भारत ए और आस्ट्रेलिया ए के बीच चार दिनी क्रिकेट मुकाबले होंगे। यह सीरीज बार्डर-गवास्कर ट्रॉफी से पहले महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों टीमें 12 सितंबर को लखनऊ...
टी-20 लीग के खत्म होने के बाद इकाना स्टेडियम पर क्रिकेट का मेगा शो जल्द ही फिर शुरू होगा। तकरीबन एक सप्ताह बाद इकाना स्टेडियम में स्टार क्रिकेटरों का जमावड़ा लगेगा। इस बार मुकाबाला चार दिनी होगा और इस मुकाबले में भारत ए और आस्ट्रेलिया ए की टीमें आमने-सामनें होंगी। इन दोनों टीमों के बीच दो चार दिवसीय मुकाबले खेले जायेंगे। इन मुकाबलों में जीत के लिए धुरंधर क्रिकेटर जोरआजमाइश करेंगे। अगले साल जनवरी में बार्डर- गवास्कर ट्रॉफी की शुरुआत होनी है। उससे पहले यह सीरीज दोनों देशों की टीमों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बार्डर-गवास्कर ट्रॉफी खेलने का मौका मिल सकता है।

इकाना स्टेडियम प्रबंधन से मिली जानकारी के लखनऊ में होने वाले चार दिनी मुकाबलों के लिए दोनों टीमों के खिलाड़ी 12 सितंबर लखनऊ आ जाएंगे। तय शेड्यूल के अनुसार 13 सितंबर को दोनों टीमें इकाना स्टेडियम में अभ्यास करेंगी। दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला 16 से 19 सितंबर और दूसरा मुकाबला 23 से 26 सितंबर को खेला जाएगा। इनके चयन पर टीम के चयनकर्ताओं पर सवाल उठने लगे। ऐसे में श्रेयस को इकाना में दमदार प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब देना होगा। विकेटकीपर बल्लेबाज यूपी ध्रुव जुरेल को उपकप्तान बनाया गया है। भारतीय टीम में जगह बनाने को वह भी यहां दमदार प्रदर्शन करना चाहेंगे। टीम अभिमन्यू ईश्वरन को भी शामिल किया गया है। वह लंबे समय से भारतीय टेस्ट का हिस्सा है, लेकिन अभी तक डेब्यू नहीं कर सके हैं। चयनकर्ताओं की नजर आईपीएल के स्टार साई सुदर्शन और हरफनमौला नीतीश कुमार रेड्डी पर भी होगी। बॉक्स टीमें बढ़ने से खिलाड़ियों का होगा फायदा लखनऊ। यूपी टी-20 लीग के फाइनल में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में एक से अधिक क्रिकेट टीमें बनाए जाने की बात कही। उनका यह बयान क्रिकेट जगत की सुर्खियों में है। भाजपा नेता और पूर्व रणजी क्रिकेटर मोहसिन रजा ने भी इसका समर्थन किया। साथ ही बीसीसीआई से यूपी की चार टीमें बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे अधिक संख्या में क्रिकेटरों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा को दिखाने का मौका मिलेगा। एक अन्य पूर्व रणजी क्रिकेटर अलोक बांबी ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन टीम बनाते समय चयन में पारदर्शिता नहीं रखता है। इसके चलते टीम रणजी ट्रॉफी में नॉकआउट राउंड में नहीं पहुंच पाती है। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश की एक टीम में बाहरी खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है, जिसका नुकसान हमारे खिलाड़ियों को चुकाना पड़ता है।

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