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सिंचाई विभाग में भ्रष्ट अफसरों से वसूली शुरू, रिवर फ्रंट के मुख्य अभियन्ता हटाए गए

प्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालय सिचाई एवं जल संसाधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि जनता का पैसा जनता के काम आए इस उद्देश्य से सरकार ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार करने वाले अफसरों से धन वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा है कि अब तक भ्रष्टाचार के मामलों की जांचें होती थी और दोषी अधिकारियों को निलम्बित कर दिया जाता था। अब निर्माण कार्य में अपव्यय करने वाले या जिनके खिलाफ निर्माण में अपव्यय के आरोप सिद्ध पाए जाते है या जिन पर निर्माण में अनियमितता के गम्भीर प्रकृति के आरोप पाए जाएंगे ऐसे अधिकारियों के खिलाफ धन वसूली की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग में फिलहाल यह कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सिंचाई खण्ड टांडा के सेवानिवृत अधिशासी अभियन्ता शत्रुध्न सिंह से उनकी पेंशन से पांच फीसदी की कटोती स्थाई रूप से कराकर शासकीय क्षति के एवज में दण्ड लगाया गया है। श्री सिंह से 50 हजार 441 रुपये वसूली की जाएगी। इसी प्रकार से इसी खण्ड के एक अन्य तत्कालीन सहायक अभियन्ता व वर्तमान में अधिशासी अभियन्ता हरिश्चन्द्र यादव के खिलाफ भी परिनिन्दा की कार्रवाई करते हुए इनकी दो वेतनवृद्धि को स्थाई रूप से रोक दिया गया है। साथ ही श्री यादव से एक लाख 17 हजार 695 रुपये की वसूली की जा रही है। सिंचाई मंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग में तबादला उद्योग नहीं बनेगा। मुख्य अभियन्ता से लेकर अवर अभियन्ता तक से तबादले के लिए तीन विकल्प के साथ आवेदन मांगे गए हैं। इनसेट सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि रिवर फ्रंट योजना के मुख्य अभियन्ता काजिम अली को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है ताकि वे रिवर फ्रंट की जांच को प्रभावित न कर सकें।

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  • Web Title:errigation dipot action to currupt officers