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22 सितम्बर, 2020|10:12|IST

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बिजली चोरी रोकने के लिए हर जिले में होगा बिजली थाना

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राज्य मुख्यालय। प्रमुख संवाददाताबिजली चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार कड़े कदम उठा उठा रही है। अब हर जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए एक-एक बिजली थाना अलग से स्थापित होगा। प्रवर्तन दलों की संख्या 33 से बढ़ाकर 88 कर दी गई है। इनमें से 53 प्रवर्तन दल क्रियाशील भी कर दिए गए हैं। हर जिले में एंटी पॉवर थेफ्ट पुलिस थाना बनाने का फैसला जनसंख्या वृद्धि के साथ ही बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर लिया गया है। 63 जिलों में क्रियाशील कर दिए गए हैं बिजली थानेअपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि पहले बिजली चोरी से संबंधित अपराध जिलों के थानों में दर्ज किए जाते थे, काम का अधिक दबाव होने के कारण पुलिस इस मामले में अपेक्षित काम नहीं कर पा रही थी। जिसके बाद उ.प्र. पावर कारपोरेशन लि. के अधीन सतर्कता इकाई द्वारा सभी जिलों में एक-एक बिजली थाना स्थापित करने का फैसला लिया गया है, इनमें से 63 थानों पर अपराधों का पंजीकरण तथा विवेचना का काम शुरू किया जा चुका है। शेष जिलों में भी बिजली थाने जल्द क्रियाशील कर दिए जाएंगे। चालू वर्ष 2020 में 31 मई तक की अवधि में ही बिजली चोरी के 20401 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 275 लाख रुपये की धनराशि वसूली गई। निदेशक, कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन (पावर कारपोरेशन) एके पुरवार ने बताया है कि एंटी पावर थेफ्ट पुलिस थानों पर सितम्बर 2019 से मई 2020 तक 52 हजार 799 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं।

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  • Web Title:Electricity station will be in every district to prevent power theft