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चुनावी नतीजे विचित्र और रहस्यमयी, 10 को इस पर मंथन: मायावती

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चुनावी नतीजे विचित्र और रहस्यमयी, 10 को इस पर मंथन: मायावती
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊMon, 04 Dec 2023 05:55 PM
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- अजूबे परिणाम से निराश होने की जरूरत नहीं: आकाश

लखनऊ -विशेष संवाददाता

बसपा सुप्रीमो मायावती ने चार राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद सोमवार को इन नतीजों को विचित्र व रहस्यमयी बताया है। उन्होंने हार के कारणों और लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर नए सिरे से मंथन करने के लिए आल इंडिया कमेटी की बैठक 10 दिसंबर को बुलाई है। वहीं, उनके भतीजे व राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद ने कहा है कि अजूबे परिणाम से हमें निराश होने की जरूरत नहीं है।

मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि देश के चार राज्यों में अभी हाल ही में हुए विधानसभा आमचुनाव के आए परिणाम एक पार्टी के पक्ष में एकतरफा होने से सभी लोगों का शंकित, अचंभित व चिंतित होना स्वाभाविक, क्योंकि चुनाव के पूरे माहौल को देखते हुए ऐसा विचित्र परिणाम लोगों के गले के नीचे उतर पाना बहुत मुश्किल है।

उन्होंने कहा है कि पूरे चुनाव के दौरान माहौल एकदम अलग व कांटे का संघर्ष रहा है, लेकिन चुनाव परिणाम उससे बिल्कुल अलग होकर पूरी तरह से एकतरफा हो जाना, यह ऐसा रहस्यात्मक मामला है। इस पर गंभीर चिंतन व उसके समाधान पर काम करने की जरूरत है। लोगों की नब्ज पहचानने में भयंकर ‘भूल-चूक चुनावी चर्चा का नया विषय है।

उन्होंने कहा है कि बसपा के सभी लोगों ने पूरे तन, मन, धन व दमदारी के साथ यह चुनाव लड़ा। इससे माहौल में नई जान आई, लेकिन उन्हें ऐसे अजूबे परिणाम से निराश कतई भी नहीं होना है, बल्कि डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहना है। इस चुनावी परिणाम के संदर्भ में जमीनी रिपोर्ट लेकर आगे लोकसभा चुनाव की नए सिरे से तैयारी पर विचार-विमर्श के लिए पार्टी की आल इंडिया बैठक 10 दिसंबर को लखनऊ में होगी। चुनाव परिणाम से विचलित हुए बिना अंबेडकरवादी मूवमेंट आगे बढ़ने का हिम्मत कभी भी नहीं हारेगा।

मायावती के भतीजे व राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद ने भी सोशल मीडया एक्स पर पोस्ट में लिखा है कि विधानसभा चुनावों के परिणाम से ये साफ हो गया है कि भाजपा साम, दाम, दंड, भेद, हर तरह के हथकंडे अपना कर चुनाव लड़ती है लेकिन यह भी साफ है कि कांग्रेस के पास भाजपा से लड़ने की न नैतिक ताकत है और न नीतियां हैं। इन चुनावों में अपने सीमित संसाधनों, कार्यकर्ताओं और मिशन के सिपाहियों के जोश जुनून के दम पर बीएसपी का प्रदर्शन बहुत बड़ा संदेश है। आज एक बार फिर साबित हो गया है कि भाजपा की सांप्रदायिक और नफरत की राजनीति को केवल बसपा ही खत्म करने का दम रखती है। देश में परिवर्तन लाने का विकल्प केवल बसपा के पास है।

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