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बुजुर्गों से दुर्व्यवहार करने में पुत्रवधू सबसे आगे

- विभिन्न राज्यों के 23 शहरों में किए गए सर्वे में 55 प्रतिशत बुजुर्गों ने यह अनुभव साझा किए

लखनऊ। बुजुर्गों से दुर्व्यवहार करने में पुत्रवधू सबसे आगे हैं। दुर्व्यवहार करने में दूसरे नंबर पुत्र आते हैं। गुरुवार को हेल्पेज इंडिया की ओर से 23 शहरों में किए गए सर्वे में ये चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हेल्पेज इंडिया के निदेशक व राज्य प्रमुख एके सिंह ने विश्व वरिष्ठ दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस की पूर्व संध्या पर हिंदी संस्थान के यशपाल सभागार में सर्वे रिपोर्ट पेश करते हुए ये तथ्य रखे। बताया कि सर्वे का थीम भारत में वरिष्ठों में दुर्व्यवहार-2018 बदलती सामाजिक प्रवृत्ति एवं टेक्नोलॉजी का प्रभाव रखा गया।

सर्वे में 55 प्रतिशत बुजुर्गों ने अनुभव साझा किया कि उनके साथ मुख्य दुर्व्यवहार करने में पुत्रवधु सबसे आगे है। इसके बाद पुत्र का स्थान आता है। दुर्व्यवहार करने में पुत्र दूसरे नंबर पर हैं। 47 प्रतिशत बुजुर्गों ने बताया कि उनका पुत्र उनसे दुर्व्यवहार करता है। 56 प्रतिशत बुजुर्गों ने बताया कि सबसे अधिक दुर्व्यवहार निरादर के रूप में होता है। 49 प्रतिशत बुजुर्गों का कहना है कि उनके साथ आपत्तिजनक भाषा आम दिनचर्या का हिस्सा है। 33 प्रतिशत बजुर्गों ने कहा कि घरवाले उनकी उपेक्षा करते हैं। 22 प्रतिशत बजुर्गों ने बताया कि उनका आर्थिक शोषण होता है। 12 प्रतिशत बुजुर्गों ने बताया कि उनके साथ मारपीट भी की जाती है।

डिसकनेक्ट टू कनेक्ट अभियान चलाया जा रहा है

निदेशक एके सिंह ने बताया कि सर्वे में पहली बार सोशल मीडिया व टेक्नोलॉजी के प्रभाव और वरिष्ठों पर दुर्व्यवहार का अध्ययन किया गया। जिसमें चौंकाने वाली बातें सामने आईं। टेक्नोलॉजी का वरिष्ठों के जीवन पर बुरा प्रभाव सामने आया। तकरीबन 65 प्रतिशत बुजुर्गों का कहना है कि बच्चों के फोन व कंप्यूटर पर अत्यधिक समय देने से निरादर का अनुभव होता है। इसी के मद्देनजर डिस्कनेक्ट टू कनेक्ट अभियान चलाया जा रहा है जिसमें किशोर व वयस्कों से कुछ देर के लिए मोबाइल व कंप्यूटर से दूर रहने की सलाह दी जाती है। ताकि घर के बुजुर्ग अकेलापन महसूस न करें।

बुजुर्गों से दुर्व्यवहार में कानपुर छठे स्थान पर

बुजुर्गों से दुर्व्यवहार में देशभर में छह शहर सबसे आगे हैं। जिसमें मंगलौर शहर सबसे आगे है। यहां 47 प्रतिशत बुजुर्गों ने स्वीकारा कि उनके साथ दुर्व्यवहार होता है। इसके बाद अहमदाबाद, भोपाल, अमृतसर, दिल्ली व कानपुर शहर है। कानपुर के 30 प्रतिशत बुजुर्ग अपने साथ होने वाले दुर्व्यवहार की बात साझा की। 23 शहरों के 5014 वरिष्ठों पर किए गए सर्वे में 82 प्रतिशत ने दुर्व्यवहार की रिपोर्ट नहीं की। 73 प्रतिशत बुजुर्गों मानते हैं कि उनके वयस्क बच्चे घर में भी ज्यादातर समय फोन पर व्यस्त रहते हैं।

खुद को खुश रखने के साधन खोजिए

बुजुर्गों को खुद को खुश रखने का साधन खोजना होगा। जिस चीज में भी रुचि हो उसको पूरे मनोयोग करना होगा। गुरुवार को हेल्पेज इंडिया के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी ने बुजुर्गों से इसका आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को भी परिवार के बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करने की सीख दी। वैश्वीकरण के कारण समाज में काफी बदलाव आ रहा है। मान्यताएं बदल रही हैं। समाज में भौतिक सुख की प्राप्ति की होड़ मची है। लोगों को भारत के पुरातन चिंतन को अपनाना होगा।पूर्व लोकायुक्त एससी वर्मा ने पारिवारिक मूल्यों को अपनाने पर बल दिया। बिशप जिराल्ड ने युवाओं से माता-पिता का सम्मान करने की बात कही। एडीजी आदित्य मिश्रा ने बताया कि डायल 100 स्टाफ को बुजुर्गों के प्रति संवेदित किया जा रहा है। प्रोफेसर मधुरिमा प्रधान, स्टेशन डायरेक्टर एआईआर पृथ्वीराज चौहान ने भी विचार रखे।

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