फेफड़े की बीमारी में इनहेलर कारगर
Lucknow News - फेफड़ों की गंभीर बीमारी सीओपीडी के इलाज में इनहेलर एक कारगर दवा है। लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि सही तरीके से इनहेलर लेने पर मरीजों को तुरंत राहत मिलती है। हालांकि, 60-70 प्रतिशत मरीज इसे सही से नहीं लेते हैं, जिससे दवा का असर कम हो जाता है।

फेफड़े की गंभीर बीमारी सीओपीडी के इलाज में इनहेलर कारगर दवा है। डॉक्टर की सलाह पर सही तरीके से इनहेलर लेने पर बीमारी काबू में आ सकती है। लेकिन इनहेलर को लेकर अभी भी मरीजों के मन में शंका रहती है। यह बातें लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कही। वह बुधवार को विश्व सीओपीडी व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि इनहेलर से निकलने वाली दवा सीधे फेफड़े में जाती है। इससे मरीज को कुछ ही समय में राहत मिलती है। जबकि दवा खून के माध्यम से शरीर में फैलती है।
इसमें काफी समय लगता है। नतीजतन मरीजों को राहत भी देरी से मिलती है। सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि 60 से 70 प्रतिशत मरीज ठीक से इनहेलर नहीं ले पाते हैं। लिहाजा इनहेलर का इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से उसे लेने के तरीके को समझना चाहिए। लोहिया में रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि इनहेलर गलत तरीके से लेने से दांतों को नुकसान हो सकता है। बीमारी भी काबू में नहीं आती है। उन्होंने बताया कि सीओपीडी पर काबू पाने के लिए प्रदूषण को कम करने की जरूरत है।
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