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लखनऊ

रोडवेज बसों की कमी से अवैध बसों के कब्जे में हो गए रूट

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 06:15 PM
रोडवेज बसों की कमी से अवैध बसों के कब्जे में हो गए रूट

सफर में आफत

आगरा एक्सप्रेस वे को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित नहीं करना महंगा पड़ा

लखनऊ से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब रूट की बसों का संचालन ठप

फैक्ट

-कई रूटों पर बसें कम होने से यात्रियों को बस के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार

-लखनऊ डिपो में 300 परिचालकों की कमी से कई रूटों पर बसों का चलना बंद

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

आपका अपना साथी का दायरा कम होता जा रहा है। यानी रोडवेज जिस स्लोगन के दम पर यात्रियों को सुविधाएं देने का दावा कर रहा है। आज वहीं बसें दिन प्रतिदिन सड़कों पर कम होती जा रही है। जिसका नजीता यह है कि कई रूटों पर अवैध बसों ने कब्जा जमा लिया है। लिहाजा, यात्रियों की मजबूरी बनती जा रही अवैध बसों से सफर करना।

इसके पीछे दो वजहें हैं। पहला, अवैध बसों का सस्ता किराया और कम समय में गंतव्य तक पहुंचाने का दावा। अवैध बसों के इसी दावे से यात्री सफर करने को मजबूर हैं। जबकि ये अवैध बसें नियमों को ताख पर रखकर सवारियों को ढो रही है। जिसमें क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाना। अनफिट बसों को रूट पर तेज रफ्तार में हादसे हो रहे है।

रोडवेज बसों के इन रूटों पर किया कब्जा

लखनऊ से दिल्ली, कोटा, जयपुर, नेपालगंज, गौरीफंटा, गया, रीवा, विंध्याचल के अलावा छोटे रूटों पर लखनऊ से आगरा, मथुरा, कन्नौज, सुलतानपुर, हरदाई, बक्सर, संडीला, किशनगंज, तंबौर, गोरखपुर, दिल्ली, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा रूटों पर बसों की संख्या कम होने से अवैध बसें चल रही हैं।

वर्जन

यह बात यही है कि बस और कंडक्टर की कमी से कई रूटों पर रोडवेज बसों का संचालन कम हो गया है। जिसका फायदा अवैध बसें उठा रही हैं। इससे सरकारी बसों की यात्रियों के बीच जहां छवि खराब हो रही है। वहीं रोडवेज को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

पल्लव बोस, क्षेत्रीय प्रबंधक

लखनऊ परिक्षेत्र

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