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शासन सुस्ती के चलते नहीं शुरू हो पाई पीएचडी की पढ़ाई

शासन की सुस्ती के चलते ख्वाज मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय में पीएचडी की पढ़ाई शुरू नहीं हो पा रही है। करीब एक वर्ष से पीएचडी आर्डिनेंस शासन के पास लम्बित है,जबकि विश्वविद्यालय शासन से हरी झंडी मिलने की प्रतीक्षा कर रहा है।

विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू हुए करीब छह वर्ष हो रहे हैं। वहां पर स्नातक और स्नातकोत्तर की कक्षाएं चल रही है, पर अभी तक पीएचडी की पढ़ाई नहीं शुरू हो पाई है। हालांकि पीएचडी कोर्स संचालित करने की पहल विश्वविद्यालय के पहले कुलपति अनीस अंसारी के समय से ही हुई थी। उन्होंने पीएचडी आर्डिनेंस बनाने की कवायद शुरू की थी, पर उनके कार्यकाल में यह काम पूरा नहीं हो पाया था। इसके बाद दूसरे कुलपति खान मसूद अहमद ने भी अपने कार्यकाल के अन्तिम समय में पीएचडी आर्डिनेंस बनाकर भेज था। विवि के सूत्रों का कहना है कि शासन ने कई माह बाद उसकी सुध ली और फिर उसमें तमाम खामिया बताकर विवि को वापस कर दिया। फिर तीसरे कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा ने कार्य भार संभालते ही सबसे पहले पीएचडी आर्डिनेंस को सही कराकर शासन को भेजा। उन्होंने भरसक प्रयास किया कि बीत वर्ष में ही पीएचडी में पढ़ाई शुरू कर दें,पर ऐसा नहीं हुआ। करीब एक वर्ष बाद फिर शासन ने आर्डिनेंस में कुछ त्रुटियों निकाली और उसे ठीक करने के लिए विश्वविद्यालय भेज दिया। उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा ने बताया कि शासन की ओर से आर्डिनेंस पर जो आपत्तियां लगाई गई थी। उसका जवाब दे दिया गया। उनका कहना है कि विवि को शासन से आर्डिनेंस को हरी झंडी मिलने का इन्तिजार है।

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  • Web Title:Due to lack of governance, the PhD study started Due to lack of governance, the PhD study started