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डॉक्टरों ने बिहार से लापता व्यक्ति को परिजनों से मिलाया

बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टरों ने बिहार से लापता एक व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। अचेत अवस्था में पड़े इस व्यक्ति को एक राहगीर ने अस्पताल में भर्ती कराया था। स्वस्थ होने के बाद अब यह मरीज अस्पताल प्रशासन के खर्च पर शुक्रवार को अपने घर रवाना होगा।
हाथ पर बने टैटू से हुई पहचान
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन के मुताबिक बीती 9 फरवरी को कैसरबाग बस अड्डे के पास एक मरीज (36 वर्ष) सड़क किनारे कोमा में पड़ा था। साबिर अली नामक एक राहगीर ने उसे अज्ञात मरीज के रूप में बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के फिजीशियन डॉ. विष्णु कुमार ने जब मरीज की जांच की तो वह डायबिटीज से पीड़ित निकला। उसकी पल्स नहीं मिल रही थी, जिससे वह कोमा में चला गया था। बेहतर इलाज के जरिए उसकी हालत में सुधार होना शुरू हो गया। नाम, पता पूछने पर वह कुछ बता नहीं पा रहा था। डॉक्टरों ने उसके पैंट और शर्ट की तलाशी ली लेकिन ऐसा कोई कागज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो पाती। इसी बीच डॉक्टरों को मरीज के दाहिने हाथ पर टैटू के निशान दिखे। टैटू से हाथ पर जसदेव पासवान ग्राम बुकुची, थाना कटरा, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार लिखा मिला।
कटरा पुलिस से किया संपर्क
हाथ पर लिखे गए नाम और पते के आधार पर डॉ. विष्णु कुमार ने कटरा पुलिस से संपर्क कर मरीज के बारे में जानकारी दी। कटरा पुलिस ने गुमशुदगी रजिस्टर को देखा तो पता चला कि बुकुची गांव निवासी जसदेव पासवान पुत्र जगदीश पासवान पांच जनवरी से लापता है। थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज है। सूचना पर मुजफ्फरपुर से गुरुवार को मरीज जसदेव पासवान के चाचा अर्जुन पासवान अपने बेटे नवीन पासवान के पास बलरामपुर अस्पताल पहुंचे और मरीज की पहचान की। बताया कि जसदेव की मानसिक दशा ठीक नहीं है। ऐसे में एक दिन वह घर से लापता हो गया। तब से उसकी खोजबीन की जा रही थी। परिजनों ने डॉक्टरों को धन्यवाद दिया। साथ मदद का अनुरोध भी किया। निदेशक ने बताया कि अस्पताल के खर्च से तीनों का टिकट बुक करा दिया गया है। शुक्रवार को मरीज अपने घर के लिए जाएगा।
 

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  • Web Title:Doctors mixed with Bihar with relatives