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20 फरवरी, 2020|11:33|IST

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डाक्टरों ने सीपीआर देकर बचाई मासूम की जान

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सिविल अस्पताल के डाक्टरों ने एक साल की मासूम की जान सीपीआर देकर बचाई है। मासूम को बचाने में ईएमओ ने अहम भूमिका निभाई। मासूम घर में बाल्टी में भरे पानी में डूबकर नीला हो गया था।

हुसैनगंज निवासी निजाम अहमद की बेटी हुमा (एक) घर के बाथरूम में पानी से भरी बाल्टी में डूब गई। घर के परिवारीजन उसे देख नहीं पाए। कुछ ही देर में परिवारीजनों ने बेटी की तलाश शुरू कर दी। तो देखा कि वह पानी में बेसुध पड़ी है। उसे तुरंत पानी से बाहर निकाला। उसकी सांस बंद थी। शरीर नीला पड़ गया था। परिवारीजन उसे तुरंत लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डॉ अनिल कुमार ने इंटर्न डॉ मोहित के साथ सबसे पहले बच्ची के गीले कपड़े उतारे। उसे तौलिया से पोछकर चादर से लपेटकर वार्मर में रखा। डॉ अनिल ने बताया कि हुमा को आधे घंटे तक सीपीआर दिया। पूरा शरीर, नाखून नीला था। आधे घंटे बाद हुमा को होश आया तो डाक्टरों ने राहत की सांस ली। तब तक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ वीके गुप्ता भी पहुंचे और बच्ची का इलाज शुरू किया। बच्ची हुमा को इमरजेंसी में भर्ती रखा गया है।