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सुकून को छोड़िए हुजूर यहां तो हलक तर करने के ही हैं लाले

Drinking water, city, state, garden, water, crisis

1 / 2सुकून को छोड़िए हुजूर यहां तो हलक तर करने के ही हैं लाले

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क्या आप जिला मुख्यालय नगर अकबरपुर के एकमात्र राजकीय उद्यान सुकून के कुछ पल बिताने के लिए जा रहे हैं। हां तो ठहरिए! यहां सुकून भले ही मिल जाए मगर दूषित पानी अवश्य पीना पड़ेगा।
पार्क में पेयजल का भीषण संकट है। नगर के राजकीय उद्यान में पीने के पानी की व्यवस्था का सच यही है। यह बात सुनने में अजीब भले ही लगे मगर यह सौ फीसदी सच है कि जिस स्थान पर लोग सुकून की तलाश में जाते हैं वहां उन्हें हलक तर करने में ही दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पीने की पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। नगर की एकमात्र अम्बेडकर राजकीय उद्यान नगर के रसूलाबाद हौज पट्टी मोहल्ला मीरानपुर में तमसा के तट पर एक दशक पूर्व बना था। 
डा. अम्बेडकर राजकीय उद्यान बदहाली का शिकार है। बदहाली का आलम यह है कि पार्क में आने वालों को पीने के पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। पार्क में दो इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगा हुआ है। पीने के पानी के लिए लगे दोनों इंडिया मार्का टू हैंडपंप करीब एक माह से खराब पड़े हैं। 
परेशान होते हैं बाबा के मुरीद: राजकीय उद्यान में बाबा रहमतुल्लाह की मजार भी है। मजार पर प्रतिदिन माथा टेकने दर्जनों की संख्या में मुरीद आते हैं। प्रत्येक गुरुवार को बाबा की मजार पर माथा टेकने वालों की जमात सैकड़ों में होती है। ऐसे में आने वाले लोगों को पीने की पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है।
 

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