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किसी हाथ में सुतली बम फटा तो जेब में लहसुन दगा, 227 की रात अस्पताल में गुजरी

किसी हाथ में सुतली बम फटा तो जेब में लहसुन दगा, 227 की रात अस्पताल में गुजरी

संक्षेप: Lucknow News - दिवाली पर लापरवाही के कारण लखनऊ में 227 लोग अस्पताल में भर्ती हुए। केजीएमयू में 37 गंभीर मरीजों को लाया गया, जिनमें से 15 को प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भेजा गया। पटाखों के फटने और आग से कई लोगों के...

Wed, 22 Oct 2025 07:06 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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दिवाली पर आयान लहसुन बम दगा रहे थे। कुछ पटाखे हाथ में पकड़ रखे थे। एक पटाखा गलती से दबा और हाथ में ही फट गया। इससे पंजा बुरी तरह से जख्मी हो गया। परिजनों ने तुरंत आयान को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें प्लास्टिक सर्जरी विभाग में शिफ्ट कर दिया। ऐसे ही सात वर्षीय ओजस माचिस से पटाखा जला रहा था। उसके हाथ में बारूद लगा था, जिसमें माचिस की चिनगारी से आग लग गई और हाथ जल गया। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया। संतराम पाठक बम खरीदकर घर जा रहे थे।

तभी उनका पैर नाले के किनारे फिसल गया और वह गिर गए। झोले में रखे पटाखों में विस्फोट हो गया, जिससे हाथ बुरी तरह झुलस गया। दो जगह से हाथ फ्रैक्चर हो गया। मांस भी निकल गया। परिवारीजन खून से लथपथ हाल में मरीज को लेकर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने घायल को प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भर्ती कराया। इस तरह से लापरवाही करने पर इस बार लखनऊ में करीब 227 लोगों की दिवाली अस्पतालों में गुजरी। केजीएमयू में सबसे ज्यादा गंभीर अवस्था में मरीज भर्ती किए गए। 37 मरीज ट्रॉमा सेंटर में लाए गए। इनमें 15 मरीजों को प्लास्टिक सर्जरी विभाग भेजा गया। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने बताया कि बीते साल के मुकाबले इस बार गंभीर मरीजों की संख्या अधिक रही। उन्होंने कहा कि पटाखे हाथ व जेब में फटने से हाथ व पैर की कई जगह से हड्डियों को नुकसान हुआ। गहरे जख्म हो गए। कई मरीजों की अंगुली उड़ गई। आठ मरीजों का चेहरा पटाखे व आग में झुलस गया। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि दिवाली की रात से घायलों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो मंगलवार शाम तक जारी रहा। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि पटाखे व आग की घटनाओं में 37 जख्मी लोगों को केजीएमयू लाया गया। इसमें 19 मरीजों को ट्रॉमा इमरजेंसी से इलाज के बाद घर भेज दिया गया। बाकी को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि कुल 67 लोगों को पटाखे व आग में झुलसने के बाद इमरजेंसी में लाया गया। इनमें 49 लोग सड़क हादसे व पटाखे के शिकार हुए थे। 33 लोगों को टांके लगाए गए। छह मरीजों के आंखों में चोटें आईं। दीपक से लगी आग में भी एक व्यक्ति झुलस गया। उसे इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में 30 से ज्यादा घायलों को दिवाली की रात में लाया गया। लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि 40 घायलों को भर्ती किया गया, जिसमें आग में झुलसे 28 जख्मी शामिल हैं। लोहिया संस्थान में 53 से ज्यादा घायलों को इमरजेंसी में लाया गया। संस्थान के सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह सबसे ज्यादा आग व पटाखे में झुलसे लोगों को इमरजेंसी में लाया गया। प्राइवेट अस्पतालों में भी काफी मरीज को जख्मी हाल में भर्ती की गई हैं।