
नगर निगम में बैठे रहे अफसर, काउंटरों पर गुहार लगाता रहा दिव्यांग
Lucknow News - नगर निगम के समाधान दिवस में दिव्यांग सौरभ उत्तम को बढ़े हुए गृह कर बिल को सही कराने में कोई मदद नहीं मिली। अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया और फाइलें जूनियर अधिकारी को सौंप दीं। सौरभ ने 2021 से समय पर कर भरा है, लेकिन निगम कर्मचारी कार्रवाई की धमकी देते हैं। अन्य शिकायतकर्ताओं को भी कोई राहत नहीं मिली।
नगर निगम के आला अफसर बैठे निर्देश देते रहे। एक दिव्यांग गृह कर के बढ़े बिल को सही कराने के लिए काउंटर दर काउंटर भटकता रहा। उसके बैठने तक की कहीं कोई व्यवस्था नहीं थी। नगर निगम के सम्पूर्ण समाधान दिवस में आए दिव्यांग सौरभ उत्तम को राहत की जगह आश्वासन ही मिला। नगर निगम के लालबाग स्थित मुख्यालय में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे सौरभ उत्तम के एक पैर और हाथ में विकलांगता है। जोन-6 बालागंज के मल्लपुर से आए सौरभ ने अधिकारियों से पूछा कि यदि दरें 2022 में ही संशोधित की गई थीं, तो उसी समय से नई दरों पर कर वसूली क्यों शुरू नहीं की गई।

तीन वर्ष बाद एकमुश्त 75 हजार रुपये का बिल भेजना और उस पर ब्याज लगाना उनके अनुसार अनुचित है। जोनल अधिकारी अमरजीत ने उनकी समस्या पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय फाइल जूनियर अधिकारी को सौंप दी। नगर निगम के अधिकारियों ने भवन की फोटो और क्षेत्रफल की जानकारी तो मांगी, पर कोई सहायता नहीं की। नगर आयुक्त गौरव कुमार से उन्हें केवल ब्याज हटाने का आश्वासन मिला। 2022 में रेट रिवाइज होने के बावजूद 2025 में बिल भेजे जाने का कारण कोई अधिकारी स्पष्ट नहीं कर सका। सौरभ ने बताया कि वे 2021 से समय पर गृह कर जमा कर रहे हैं। माता-पिता की उम्र 60 वर्ष से अधिक है और कपड़ों की दुकान से ही परिवार का खर्च चलता है। उनका कहना है कि नियमित भुगतान के बावजूद निगम कर्मचारी कार्रवाई की धमकी देते रहते हैं। वहीं, अवध विहार कॉलोनी के शकील अहमद ने बताया कि उनके क्षेत्र में लगातार पानी जमा रहता है, लेकिन शिकायतों के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह उनका समाधान दिवस में दूसरा प्रयास था, फिर भी सुनवाई नहीं हो सकी। आस पास सड़क बन गई हैं, लेकिन मेरे घर के पास नहीं।

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