DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › लखनऊ › जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सपा-भाजपा में सीधा मुकाबला
लखनऊ

जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सपा-भाजपा में सीधा मुकाबला

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Sat, 26 Jun 2021 09:21 PM
जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सपा-भाजपा में सीधा मुकाबला

सपा प्रत्याशी ने चार व भाजपा प्रत्याशी ने दो सेट में पर्चा दाखिल किया

लखनऊ। संवाददाता

त्रिस्तरीय पंचायत के सबसे बड़े सदन जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला होगा। शनिवार को अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से आरती रावत और समाजवादी पार्टी से विजय लक्ष्मी ने पर्चा दाखिल किया। नामांकन के बाद जांच में दोनों प्रत्याशियों के पर्चे सही पाए गए हैं। इसके साथ ही अब जिला पंचायत सदस्यों अपने खेमे में लाने के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है। 29 जून को उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं।

सुबह 11 बजे नामांकन शुरू होते ही सबसे पहले सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी ने चार सेट में पर्चा दाखिल किया। जिला पंचायत सदस्य कैप्टन यादव, पलक रावत, अरुण कुमार, महेश प्रसाद, व पन्ना लाल चार सेट में दाखिल पर्चे में प्रस्तावक व अनुमोदक बने। नामांकन में विजय लक्ष्मी के साथ विधायक अम्बरीश पुष्कर, पूर्व सांसद सुशील सरोज, पूर्व मंत्री आरके चौधरी, शिवशंकर सिंह शंकरी, विनय दीक्षित समेत जिले के कई नेता मौजूद रहे।

आरती के नामांकन में बृजेश पाठक, स्वाति शामिल हुए

इसके बाद भाजपा प्रत्याशी आरती रावत ने कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायकों के दलबल के साथ नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कानून मंत्री ब्रजेश पाठक, महिला कल्याण व बाल विकास मंत्री स्वाति सिंह, सांसद कौशल किशोर, बीकेटी विधायक अवनीश त्रिवेदी के साथ ही भाजपा के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला भी मौजूद रहे। आरती के दो सेट में दाखिल पर्चे में जिला पंचायत सदस्य व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव व अनीता प्रस्तावक रहीं। वहीं जिला पंचायत सदस्य किरन सिंह व अमरेन्द्र कुमार अनुमोदक बने।

25 सदस्य तय करेंगे अध्यक्ष

राजधानी में जिला पंचायत के 25 सदस्य मिलकर सपा व भाजपा की उम्मीदवारों में से किसी एक को तीन जुलाई को अपना अध्यक्ष चुनेंगे। पंचायत चुनाव के बाद सपा ने अपने 10 जिला पंचायत सदस्यों के जीतने का दावा किया था। वहीं बीएसपी के पांच और भाजपा के तीन समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। जबकि अन्य सात सदस्य निर्दलीय जीते थे।

संबंधित खबरें