अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कर्ज के बोझ से दबे किसान की हार्ट अटैक से मौत

आलापुर तहसील क्षेत्र में कर्ज के बोझ से दबे एक गरीब किसान की सदमे से हार्ट अटैक होने से मौत हो गई। 
आलापुर तहसील क्षेत्र के अमड़ी गांव निवासी दलित किसान जियालाल (48) पुत्र निहोर बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से तीन लाख कर्ज लेकर गोविंद साहब में ही किराने की दुकान चलाता था। दो बेटियों की शादी करने एवं अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह समय से कर्ज नहीं जमा कर पाया था। धीरे-धीरे उसकी दुकान भी टूट गई। इधर बैंक से बार-बार कर्ज चुकाने का नोटिस मिल रहा था। बैंक ने कर्ज के समाधान के लिए लोक अदालत में केस भी कर दिया था। 14 सितंबर को लोक अदालत में तारीख भी थी। 
इधर बैंक कर्मी बार-बार उसके घर जाकर इस बार किसी भी हाल में कर्ज जमा करने का दबाव बना रहे थे। बीते सोमवार को भी शाखा प्रबंधक ने उसे कर्ज जमा करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि उसकी तारीख को कर्ज नहीं जमा हुआ तो जेल भी जाना पड़ेगा, जिससे जियालाल को काफी सदमा पहुंचा। कर्ज के बोझ से वह पहले से ही परेशान चल रहा था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे नेवरी बाजार स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए जहां से दवाई लेकर परिजन उसे लेकर घर आ गए। दोपहर अचानक फिर उसकी तबीयत खराब हो गई, जिससे परिजनों से लेकर अतरौलिया स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। हालांकि रास्ते में दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत से पूरे परिवार पर मानो वज्रपात सा हो गया। उसकी असामयिक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
चार पुत्रियों में से दो पुत्रियों की किसी तरह शादी हो पाई थी। वही दो पुत्रियां अविवाहित हैं। उसकी मौत से परिवार पर रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को चहोड़ा घाट पर ग्रामीणों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

प्रशासन को नहीं है जानकारी
एसडीएम भरत लाल सरोज ने इस मामले की जानकारी होने से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि कर्ज के बोझ से दबे किसान की मौत हुई है, इस मामले की जांच कराकर पीड़ित परिवार की शासन से हरसंभव मदद कराई जाएगी।

  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:dies due to heart attack