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नौकरी मांग रहे बीटीसी अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठी

- गांधी प्रतिमा पार्क के सामने सड़क जाम अभ्यर्थी कर रहे थे प्रदर्शन-पुलिस ने 16 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर देर शाम किया रिहालखनऊ। निज संवाददातानौकरी की मांग को लेकर टीईटी पास बीटीसी 2013 के अभ्यर्थियों ने गुरूवार को गांधी प्रतिमा पार्क के सामने सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। बिगड़ते यातायात व्यवस्था को देखते हुए वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कि लेकिन वह नहीं माने। लिहाजा पुलिस ने उन पर लाठियां चला दी। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल 16 अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया। जिन्हें देर शाम हजरतगंज थाने से छोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर गांधी प्रतिमा पार्क में चल रहे अभ्यर्थियों का प्रदर्शन शासन स्तर पर हुई वार्ता के बाद समाप्त हो सका। बीटीसी 12460 भर्ती शिक्षक संघ के बैनर तले गुरूवार सुबह से ही गांधी प्रतिमा पार्क में अभ्यर्थियों को जुटना शुरू हो गया था। दोपहर करीब 11 बजे यह लोग अचानक पार्क से निकल कर सड़क पर आ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान हजरतगंज चौराहा और आसपास के अन्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनने लगी। करीब एक घंटे तक प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे रहे। लिहाजा जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को यातायात का हवाला देते हुए उन्हें समझाने की कोशिश करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वह सीएम से वार्ता के बाद ही प्रदर्शन समाप्त करेंगे। लिहाजा पुलिसकर्मी सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने में जुट गए। इसके बाद भी जब वह नहीं माने तो पुलिस ने उन पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश विश्वकर्मा, मनोज कुमार सिंह, सौरभ सिंह और प्रीती सिंह समेत कुल 16 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर हजरतगंज कोतवाली भेज दिया गया। वहीं दूसरी ओर एक बार फिर गांधी प्रतिमा पार्क में एकत्र हुए अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी रहा। शाम करीब चार बजे उनके प्रतिनिधिमण्डल की वार्ता शासन स्तर पर कराई गई। वहां मिले आश्वासन के बाद सभी घर लौट गए। यह है मामलाअभ्यर्थी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दिसंबर 2016 में बेसिक शिक्षा विभाग में 12460 सहायक अध्यापक की भर्ती का शासनादेश जारी किया गया था। 20 मार्च 2017 को काउंसलिंग प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद जनपदवार चयन सूची भी तैयार की जा चुकी थी। केवल नियुक्ति पत्र मिलना बाकी था। इसी बीच किंही कारणों से इस पर रोक लगा दी गई। करीब दस माह बाद कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया बहाल करने का आदेश दे दिया। मनोज का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य सरकार उनकी नियुक्ति में रोड़ा अटका रही है। अभ्यर्थियों ने सीएम से चार माह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है।

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