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मुखिया को सामने देख खुशी जतायी तो कई परेशानियां भी गिनाई

डीजीपी ने सिपाहियों का उत्साह बढ़ाया, कहा-आरक्षी महकमे की पहली व अहम् कड़ी‘सिपाही ऑफ द मंथ से सम्मानित पुलिसकर्मियों के साथ डीजीपी ने किया लंचलखनऊ। हिन्दुस्तान संवादडीजीपी ने छह महीने में पूरे प्रदेश से ‘सिपाही ऑफ द मंथ चुने गये सिपाहियों के साथ बीकेटी में सीतापुर रोड स्थित फौजी ढाबे पर लंच किया। इस दौरान ही उन्होंने सिपाहियों का मनोबल बढ़ाया और उनसे हर समस्या पर बात की। पहले सिपाही कुछ झिझके पर बाद में इस पहल पर खुशी जतायी। साथ में उन्हें अपनी कई समस्याओं से रूबरू कराया। डीजीपी ओपी सिंह ने उनसे कहा कि सिपाही पुलिस महकमे की पहली व हम् कड़ी है। हर साल पुलिस सप्ताह में बड़ा खाना पर सिपाही व अधिकारी साथ खाते थे पर ऐसा आयोजन पहली बार हुआ है। आगे भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे। इस मौके पर एडीजी पीके तिवारी, आदित्य मिश्रा, पीयूष आनन्द, अंजू गुप्ता, आईजी सुजीत पाण्डेय, डीजीपी के सहायक दीपक रतन, एसएसपी कलानिधि नैथानी, डीजीपी के पीआरओ एएसपी राहुल श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। ये समस्यायें बताई सिपाहियों ने0 झांसी से आई सिपाही पूजा ने कहा कि पुरुष सिपाहियों को गश्त डयूटी में लगाया जाता है। उन्हें बाइक भी दी जाती है। महिला सिपाहियों को भी गश्त के लिये बाइक दी जानी चाहिये। 0 कौशाम्बी के कृष्णपाल सिंह ने कहा कि अक्सर उन लोगों को किसी भी शिकायत पर बिना जांच के ही ट्रांसफर कर दिया जाता है। इससे उनका मनोबल टूटता है। लिहाजा शिकायत पर जांच करायी जाये और दोषी मिलने पर ही ऐसी कार्रवाई हो। 0 कई सिपाहियों ने आधुनिक हथियार देने व 100 रुपये मिलने वाले साइकिल भत्ते को बढ़ाये जाने की मांग की। भावुक हुआ सिपाहीहाथरस से आये सिलेश कुमार भावुक हो गये और उन्होंने कहा कि अगर डयूटी के 48 घंटे भी हो तो भी वह काम करने को तैयार हैं। ढाबे की टीम सम्मानितडीजीपी ओपी सिंह ने इस मौके पर ढाबा संचालक रिटायर फौजी धनपाल सिंह व उनकी टीम को भी सम्मानित किया। डीजीपी ने उन्हें यूपी पुलिस की ओर से मोमेन्टो दिया।

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