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सिद्धार्थनाथ, नंदी और चेतन के विभाग छिने, टंडन, खन्ना और जय प्रताप का कद बढ़ा

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- केंद्र की तर्ज पर जल शक्ति नया विभाग गठित, इसमें सिंचाई, लघु सिंचाई और जल प्रबंधन और नदी विकास शामिल - प्रोन्नत कैबिनेट मंत्री डा.महेंद्र सिंह को दी गई बड़ी जिम्मेदारी - नए कैबिनेट मंत्रियों में राम नरेश आबकारी, कमलारानी को प्राविधिक शिक्षा, अनिल राजभर को पिछड़ा वर्ग कल्याण, - सुरेश राणा को पुराना गन्ना एवं चीनी और भूपेंद्र सिंह चौधरी को भी पूर्ववत पंचायती राज विभाग मिला - कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक को भी ग्रामीण अभियंत्रण देकर कद बढ़ाया - नए राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार में सतीश द्विवेदी को बेसिक शिक्षा जैसा अहम विभाग, रवींद्र जायसवाल को नंदी वाला विभाग, अशोक कटारिया को परिवहन की जिम्मेदारी, कपिल देव अग्रवाल को व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास, श्रीराम चौहान को कृषि विपणन और कृषि निर्यात एवं विदेश व्यापार, प्रोन्नत राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार में नीलकंठ तिवारी का कद बढ़ा पुराने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्म सिंह सैनी का भी कद बढ़ा - राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वाति सिंह का विभाग बदला, पर रुतबा बरकरार - मुख्यमंत्री ने पहली बार कई मंत्रियों को खुद से संबद्ध किया, प्रोटोकाल अपने पास लिया विशेष संवाददाता-राज्य मुख्यालयविभागों के फेरबदल में किसी के विभाग छिन गए तो किसी को महत्वपूर्ण महकमों की जिम्मेदारी दी गई है। किसी का रुतबा कम हुआ तो किसी का बढ़ गया है। जिन मंत्रियों से विभाग छिने हैं उनमें मुख्य रूप से सिद्धार्थनाथ सिंह, नंद गोपाल नंदी और चेतन चौहान हैं।कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग छीन लिया गया है। नंद गोपाल नंदी से भी स्टांप, पंजीयन और न्यायालय शुल्क छीन लिया गया है। स्टांप विभाग में तबादलों को लेकर ही नंदी से मुख्यमंत्री नाराज़ थे और उनके द्वारा किए गए तबादलों को निरस्त कर दिया था। चेतन चौहान से भी खेल, युवा कल्याण, व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास छीने गए हैं। इनको कम महत्व के विभाग दिए गए हैं। इनका बढ़ा कदसुरेश खन्ना, आशुतोष टंडन गोपाल जी और जयप्रताप सिंह का कद बढ़ गया है। सुरेश खन्ना से नगर विकास लेकर वित्त और चिकित्सा शिक्षा विभाग और दे दिया गया है। संसदीय कार्य विभाग उनके पास पहले से है। आशुतोष टंडन से चिकित्सा शिक्षा व प्राविधिक शिक्षा विभाग लेकर नगर विकास विभाग जैसा भारी भरकम विभाग दे दिया गया है। यह विभाग उनके पिता वर्तमान मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के पास वर्षों रहा है। जयप्रताप सिंह को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है। बृजेश पाठक को विधायी और न्याय के साथ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग देकर उनका कद बढ़ाया गया है। वहीं श्रीकांत शर्मा के ऊर्जा विभाग को बरकरार रखते हुए उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा की जिम्मेदारी दी गई है।महेंद्र सिंह को नए विभाग की जिम्मेदारीप्रोन्नत कैबिनेट मंत्रियों में सबसे ज्यादा रुतबा डा.महेंद्र सिंह का है। उनके केंद्र की तर्ज पर बने जल शक्ति विभाग दिया गया है। जिसमें सिंचाई, लघु सिंचाई और जल प्रबंधन व नदी विकास विभाग शामिल हैं। दूसरे प्रोन्नत मंत्री सुरेश राणा का गन्ना एवं चीनी विभाग बरकरार रखा गया है। इसी प्रकार भूपेंद्र सिंह चौधरी के पास पंचायती राज ही रखा गया है। अनिल राजभर को ओम प्रकाश राजभर का विभाग पिछड़ा कल्याण दिया गया है। नए कैबिनेट मंत्रियों में रामनरेश अग्निहोत्री को आबकारी और कमलरानी वरुण को प्राविधिक शिक्षा दिया गया है। पुराने कैबिनेट मंत्रियों के विभाग हुए कम पुराने कैबिनेट मंत्रियों में लक्ष्मी नारायण चौधरी और दारा सिंह चौहान के विभाग कम किए गए हैं। राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह का विभाग बदला गया है। स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री में स्वाति सिंह का विभाग बदला गया है लेकिन दूसरा विभाग भी महत्वपूर्ण मिला है। डिप्टी सीएम केशव मौर्या और डा.दिनेश शर्मा के विभागों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पास से पर्यटन और महिला कल्याण हटाते हुए प्रोटोकाल अपने पास ले लिया है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री ने पहली बार कई मंत्रियों को खुद से संबद्ध किया है। यह पहले स्वतंत्र देव सिंह के पास था। अब उनके पास कुल 37 विभाग हो गए हैं। स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्रियों में सबसे अहम विभाग सतीश द्विवेदी को बेसिक शिक्षा और अनिल राजभर को परिवहन विभाग दिया गया है। नंदी का विभाग रवींद्र जायसवाल को दे दिया गया है।

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