DA Image
25 फरवरी, 2020|1:48|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आरोग्य मेले में ड्यूटी के बदले दोगुना मानदेय मांगा

default image

लखनऊ। निज संवाददाता राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र. ने हर रविवार को लगने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेले को कर्मचारियों के लिए मानसिक प्रताड़ना बताया है। मांग की रविवार को काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को केंद्र सरकार एवं श्रम कानूनों के तहत अतिरिक्त भत्ते के रूप में दोगुना वेतन दिया जाए। तय हुआ कि सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो 15 दिन बाद यानी एक मार्च से मेले में काम करने वाले कर्मचारी काला फीता बांधकर विरोध जताएंगे। हर संवर्ग का एक ही कर्मी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत समस्त संवर्गों के कर्मचारी संघों के साथ परिषद की बैठक बलरामपुर अस्पताल में केके सचान की अध्यक्षता में हुई। महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि कर्मचारी नेताओं ने बैठक में आक्रोश जताया कि सरकार हर पीएचसी व अर्बन हेल्थ सेंटर पर हर रविवार को आरोग्य मेला लगा रही है। इन स्थानों पर सभी संवर्ग के सिर्फ एक ही अधिकारी व कर्मचारी तैनात हैं। इससे अब सप्ताह के सातों दिन सभी लोग काम कर रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों व कर्मचारियों का सामाजिक जीवन, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होगा। प्रतिकर अवकाश नहीं मिल रहा एकल पदों से किसी भी कर्मचारी को प्रतिकर अवकाश भी नहीं मिल सकता है। सप्ताह के सातों दिन कार्य करने से कर्मचारियों को पारिवारिक दायित्वों का पालन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मेले को किसी और कार्यदिवस में करने के लिए परिषद ने मांग भी की थी, लेकिन उसे संज्ञान नहीं लिया गया। बैठक में सुनील कुमार, अशोक कुमार, अम्मार जाफरी,आदि रहे।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Demand for double the duty in health fair