class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मधुमेह रोग पर वाद-विवाद प्रतियोगता

लखनऊ। निज संवाददातानवयुग कन्या महाविद्यालय में मंगलवार को विश्व मधुमेह दिवस पर जन्तु विज्ञान विभाग द्वारा बदलती जीवन शैली एवं मधुमेह रोग विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए माना कि बदलती जीवन शैली ही मधुमेह रोग का प्रमुख कारण है। साथ ही सुझाव दिया कि ग्लूकोज की मात्र नियंत्रित करने के लिए शारीरिक परिश्रम जरूर करें। वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्राओं ने विज्ञान एवं तकनीकी का बढ़ता प्रयोग, दिनचर्या में बदलाव, देर से सोना, देर से जागना, लम्बे समय तक एक ही स्थान पर बैठे रहना, व्यायाम न करना, मोबाइल गेम विडियो गेम, जंक फूड, फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन, मोटापा बढ़ना, भाग-दौड़ की जिन्दगी, तनाव और कार्य खुद न करके अत्यधिक तकनीकी साधनों पर निर्भर रहने को मधुमेह रोग होने के कारण बताए। बचाव में बोलते हुए कुछ छात्राओ ने कहा कि केवल बदलती जीवन शैली को इसके लिए जिम्मेदार माना ठीक नहीं है। हमें अपनी सीमाएं तय करनी होंगी। गांव में आज भी डायबिटीज मरीजो की संख्या न के बराबर है। क्योंकि वह इतना शारीरिक परिश्रम करते हैं कि उनका ग्लूकोज़ लेविल नियंत्रित रहता है। कार्यक्रम में प्राचार्या डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव ने छात्राओं के इन विचारों से सहमति व्यक्त करते हुए नियमित दिनचर्या, जीवन को मशीनों की तरह न बनाने का सुझाव दिया। साथ ही खुश रहिए मस्त रहिए स्वस्थ रहिए से छात्राओं को अनेक बीमारियों से बचने के लिए कहा। डॉ. रिचा शुक्ला, डॉ. मधुबाला बनर्जी, डॉ. रेखा रानी व अन्य शिक्षिकाएं व छात्राएं मौजूद थीं।-------------------------------------------------------यह बने विजेताप्रतियोगिता में निदा उस्मान को प्रथम, यशी त्रिपाठी को द्वितीय और निशी गुप्ता को तृतीय स्थान हासिल हुआ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Debate Competition on 'Diabetes Disease'
लाइसेंस के बाद भी बिल्डरों को नहीं मिल रहा योजना का लाभतेजपाल बने सदर गुरुद्वारा के नए प्रधान