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सीतापुर में कच्ची शराब पीने से ग्रामीण की मौत

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में जहरीली कच्ची शराब पीने से 48 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जहरीली शराब का नाम सुनते ही शव का पोस्टमार्टम करवाने के बजाय आनन-फानन में अंतिम संस्कार करवा दिया।

जानकारी के अनुसार थानाक्षेत्र के पकरियापुरवा गांव के बम्भनावा मजरे का निवासी शत्रोहन (48) गुरुवार शाम मुंडन संस्कार की दावत में पड़ोस के शेखनपुरवा गांव गया था। ग्रामीणों के मुताबिक रात में ही मधवापुर गांव में शत्रोहन ने कच्ची शराब पी और वहां शेखनपुरवा के लिए चल पड़ा। रास्ते में उसकी हालत बिगड़ने लगी। ग्रामीणों ने किसी तरह शत्रोहन को शेखनपुरवा गांव पहुंचा दिया जहां उसके रिश्तेदारों ने उसे चारपाई पर लिटा दिया। रिश्तेदारों व ग्रामीणों के मुताबिक वे लोग समझ रहे थे कि नशा ज्यादा है। सुबह होने तक सब ठीक हो जाएगा लेकिन शुक्रवार की सुबह उसे जगाने की कोशिश की गई तो उसकी मौत हो चुकी थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसका शरीर काला पड़ चुका था। सूचना प्रमोद ने मृतक शत्रोहन यादव के परिजनों को दी। परिजन ट्रैक्टर ट्राली से शत्रोहन के शव को पकरियापुर ले गए। दूसरी ओर, घटना की जानकारी पाकर पकरियापुर गांव पहुंची पुलिस ने मृतक के परिजनों से मिलकर बिना पोस्टमार्टम करवाए ही शव का अंतिम संस्कार करवाने के लिए राजी कर लिया। परिजनों ने पुलिस की बात मानकर शत्रोहन के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। 

बताते चलें कि थाना क्षेत्र में कच्ची शराब का कारोबार कुटीर उद्योग की तरह चल रहा है। क्षेत्र के मधवापुर, रेउसा, सेउता, समसीनपुरवा, मंगलपुरवा, गुड़पुरवा, खुरवलिया, जबदुवा, सेवनपुरवा व रंगवा समेत लगभग डेढ़ दर्जन गांवों में कच्ची शराब की भट्ठियां धड़ल्ले से धधक रहीं हैं। सूत्रों की मानें तो कच्ची शराब का कारोबार स्थानीय पुलिस के संरक्षण में हो रहा है। इस बारे में थानाध्यक्ष रेउसा विनोद मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि साइकिल से गिरने से उसकी मौत होने की जानकारी मिली थी। जहरीली शराब पीने की बात से उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि ऐसी कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है।

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  • Web Title:Death of villagers by drinking raw alcohol in Sitapur