Lucknow News: सिंचाई विभाग से रिटायर बुजुर्ग से एक करोड़ की ठगी
Lucknow News: - साइबर ठगों ने बुजुर्ग को तमिलनाडु क्राइम ब्रांच पुलिस का डर दिखा धमकाया

Lucknow News: शेयर ट्रेडिंग में निवेश पर कई गुना मुनाफे का झांसा और तमिलनाडु क्राइम ब्रांच पुलिस का डर दिखाकर धमका कर सिंचाई विभाग से रिटायर बुजुर्ग हरिमोहन से साइबर ठगों ने एक करोड़ छह लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित को घबराया देख परिजनों ने पूछताछ की तो ठगी की जानकारी हुई। एडीसीपी क्राइम किरन यादव के निर्देश पर साइबर क्राइम थाने में पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आशियाना की एलडीए कॉलोनी सेक्टर एच निवासी सिंचाई विभाग से रिटायर हरिमोहन ने पुलिस को बताया कि अप्रैल में फेसबुक के जरिए उनका संपर्क गणेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति से हुआ। जालसाज ने एक ट्रेडिंग कंपनी का मेंटर बनकर उनसे बातचीत की। ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। रजामंदी पर जालसाज ने हरिमोहन का एक डीमैट खाता खुलवाया। उसके बाद जालसाज ने 12 मई तक अलग-अलग खातों में 26.50 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। खाते में उन्हें करीब ढाई लाख डॉलर यानी दो करोड़ 37 लाख रुपए (भारतीय मुद्रा में) मुनाफा दिखाया जाने लगा。
लंदन के बार्कलेज बैंक में रुपया जमा बताया
जालसाजों ने उन्हें बताया कि यह पूरी रकम लंदन के बार्कलेज बैंक में जमा है। इसके बाद हार्दिक पटेल नाम के व्यक्ति ने हरिमोहन को मैसेज किया। खुद को एचएम रेवेन्यू एंड कस्टम विभाग से बताया। जालसाज ने संपर्क कर टैक्स, डॉलर को भारतीय मुद्रा में बदलने का चार्ज, इंश्योरेंस समेत तमाम मदों के नाम पर 47.70 लाख रुपए हरिमोहन से और जमा करा लिए। इसके बाद जालसाजों ने पीड़ित बुजुर्ग के पास आरबीआई का एक आदेश भेजकर फॉरेन इन्वेस्टमेंट रेमिटेंस सर्टिफिकेट (एफआईआरसी) के नाम पर 23 लाख रुपए और ऑनलाइन मंगवा लिए।
तमिलनाडु क्राइम ब्रांच बताकर धमकाया
पीड़ित हरिमोहन के मुताबिक जालसाजों ने उनसे बताया कि उनकी पूरी रकम दिल्ली के आरबीआई बैंक के पास है। उसके बाद जालसाज ने खुद को तमिलनाडु क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट दिखाकर डराया। धमकाकर करीब सवा नौ लाख रुपए एक और खाते में जमा करवा लिए। पीड़ित से कुल एक करोड़ छह लाख 38 हजार 840 रुपए की ठगी कर ली गई। इतनी रकम ठगी होने पर बुजुर्ग परेशान हो गए। उन्हें परेशान देख परिजनों ने पूछताछ की तो हरिमोहन ने पूरी घटना बताई। साइबर क्राइम इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर शमीम अली सिद्दीकी कर रहे हैं। ठगी हुए अधिक समय हो जाने से रकम फ्रीज कराने में थोड़ी समस्या आ रही है。


