
बाराबंकी: 3.88 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, तीन पर एफआईआर दर्ज
Lucknow News - बाराबंकी में साइबर अपराध का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें म्यूल अकाउंट के जरिए लगभग 3.88 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई। तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में यह पाया गया कि हर्षित सिंह ने अपना बैंक खाता अपने दोस्त को कमीशन पर बेचा, जिसके बाद साइबर ठगी को अंजाम दिया गया।
बाराबंकी। जनपद में साइबर अपराध के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में म्यूल अकाउंट के जरिए करीब 3 लाख 88 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी किए जाने के मामले में साइबर सेल की जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय लखनऊ से प्राप्त (एनसीआरपी-14सी) सूची में शामिल म्यूल अकाउंट्स की जांच की जा रही थी। इसी क्रम में फेडरल बैंक बाराबंकी की शाखा में संचालित खाता संख्या की जांच साइबर सेल बाराबंकी द्वारा की गई। जांच में यह खाता हर्षित सिंह पुत्र स्व. शम्भू सिंह, निवासी लखपेड़ा बाग, कोतवाली नगर के नाम पाया गया।
इस खाते के माध्यम से विभिन्न राज्यों के तीन पीड़ितों से कुल 3,88,326 रुपये की साइबर ठगी की गई। इसमें गौतमबुद्ध नगर, आंध्र प्रदेश के नदयाल और द्वारका इलूरू के आवेदक शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि हर्षित सिंह ने अपना बैंक खाता अपने दोस्त आदर्श वर्मा निवासी कोटवाधाम, थाना बदोसराय को कमीशन पर बेच दिया था। बदले में उसे अलग-अलग तिथियों में कुल 8,100 रुपये कमीशन के रूप में दिए गए। आदर्श वर्मा ने खाते से संबंधित एटीएम कार्ड, पासबुक अपने पास रख ली और खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलकर पश्चिम बंगाल निवासी निरंजन मालाकार के नाम दर्ज मोबाइल नंबर जुड़वा दिया। इसके बाद आरोपियों द्वारा फर्जी तरीके से यूपीआई बनाकर और अन्य डिजिटल माध्यमों से साइबर ठगी की गई तथा ठगी की रकम निकाली गई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में भी आरोपियों के बीच आपसी संपर्क की पुष्टि हुई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हर्षित सिंह, आदर्श वर्मा और मोबाइल नंबर धारक निरंजन मालाकार ने मिलकर साइबर अपराध को अंजाम दिया।

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