एआई की शोध व इलाज में बढ़ी उपयोगिता

Apr 06, 2026 08:45 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share

Lucknow News - केजीएमयू के पीरियोडोंटोलॉजी विभाग ने डेंटल रिसर्च और इनोवेशन में जेनेटिक्स की स्थिति पर सीएमई का आयोजन किया। डॉ. श्रीकांत कुमार रथ ने आधुनिक जांच के जरिए दांतों के उपचार की बात की। डॉ. शालीन चंद्रा ने बताया कि एआई डेंटल साइंस में तेजी से बदलाव ला रहा है। नई तकनीकों की जानकारी भी साझा की गई।

एआई की शोध व इलाज में बढ़ी उपयोगिता

केजीएमयू के पीरियोडोंटोलॉजी विभाग की ओर से डेंटल रिसर्च और इनोवेशन में जेनेटिक्स की वर्तमान स्थिति पर सोमवार को सीएमई का आयोजन हुआ। सीडीआरआई के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. श्रीकंत कुमार रथ ने कहा कि दांतों की दिक्कतों का आधुनिक जांच से बेहतर उपचार संभव है। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के डेंटल डीन डॉ. शालीन चंद्रा ने बताया कि एआई से डेंटल साइंस के क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रहा है। साथ ही शोध, निदान और उपचार की योजना पर महत्वपूर्ण असर पड़ रहा है। केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद, डॉ. नीतू निगम व डॉ. विमला वेंकटेश ने उपचार एवं जांच की नई तकनीक साझा की।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।