
साहित्य और पकवान की खुशबू के साथ सनतकदा महोत्सव विदा
Lucknow News - फोटो -पांच दिवसीय सनतकदा महोत्सव का गुजरात बैण्ड की प्रस्तुति के साथ समापन लखनऊ, कार्यालय
फोटो -पांच दिवसीय सनतकदा महोत्सव का गुजरात बैण्ड की प्रस्तुति के साथ समापन लखनऊ, कार्यालय संवादाता अवध और कलकत्ता की संस्कृति, संगीत, साहित्य और पकवान की खुशबू की महक के साथ राब्ता लखनऊ कलकत्ता का थीम पर हुए पांच दिवसीय सनतकदा महोत्सव का समापन मंगलवार को हुआ। सफेद बारादरी, राजा राम पाल सिंह पार्क और अमीरुद्दौला लाइब्रेरी में हुए महोत्सव के आखिरी दिन चित्रकारी, शिल्पकारी और गीतों के साथ नवाब वाजिद अली शाह के किस्से केन्द्र में रहे। सौम्यदीप राय की हुज्न लखनऊ और कलकत्ता के बीच प्रवास, संगीत और कला इतिहासों का अनुसरण शीर्षक से लगी प्रदर्शनी लखनऊ और कलकत्ता के बीच प्रवास को तलाशती है।
चित्रों, कलाकृतियों और इंस्टॉलेशनों के माध्यम से यह साझा इतिहास, संगीत, स्मृति और गतिशीलता देखने को मिली। सौम्यदीप रॉय ने कहा कि वाजिद अली शाह न केवल संरक्षक थे, बल्कि कलाकार भी। वहीं संवाद सत्र जैको का सफर लखनऊ से कलकत्ता तक में वाजिद अली शाह की वंशत मंजिलत फातिमा मौजूद रही। जिन्होंने वाजिद अली शाह की जिन्दगी और कलकत्ता से दर्शकों को मिलाया। डिस्कवरिंग जस्टिस सैयद करामत हुसैन पुस्तक विमोचन हुआ। गीतों पर झूमे युवा महोत्सव में अन्तिम प्रस्तुति सूरत के द तापी प्रोजेक्ट की रही। बैण्ड की ओर से लोक,, रॉक और समकालीन संगीत लखनऊ के दर्शकों को सुनने को मिले। स्वाती मिनाक्षी और योगेन्द्र सनियावाला ने पैगाम, ए खुदा, गुमशुदा, राहो में, महसूस, आ गए, तिश्नगी जैसे से गीतों से सभी का मन मोह लिया। ड्रम्स पर गौरव कपाड़िया, बेस पर बिजू नंबियार रहे। इलेक्ट्रिक गिटार पर योगेश और ट्रंपेट पर स्वयं स्वाती मिनाक्षी रहीं। इसके साथ ही कलकत्ता की लयें गोपाल दास ढाकी और दल द्वारा एक बार फिर ढाक प्रस्तुति देखने को मिली।

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