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सीएसटी से निकाले गए आउटसोर्सिंग कर्मियों ने सीएम व पीएम से लगाई न्याय की गुहार

लखनऊ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद(सीएसटी) से निकाले गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने सीएम व पीएम से न्याय की गुहार लगाई है। कर्मचारियों ने हस्ताक्षरयुक्त पत्र लिखकर जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है। ताकि कर्मचारियों के परिवारीजनों को भुखमरी की कगार पर जाने से बचाया जा सके। वहीं निकाले जाने के बाद भी कर्मचारी रोजाना कार्यालय पहुंच कर बरगद के पेड़ के नीचे बैठ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि एक तरफ परिषद की कार्यकारिणी समिति के निर्णय के अनुसार समस्त कार्मिकों के वेतन में जुलाई महीने से वेतन में आठ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होनी थी। जिसको लेकर कर्मियों में खुशी का माहौल था। लेकिन परिषद की ओर से वेतन में बढ़ोत्तरी करने की जगह कर्मचारियों को ही सेवा से हटा दिया गया। कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि अपने चहेतों को रखने के लिए ही बिना किसी कारण व सूचना के कर्मचारियों को हटाया गया है। निकाले गए कर्मचारियों में कई ऐसे हैं जो कि 10-15 साल से परिषद में सेवाएं देते आ रहे थे। गौरतलब है कि बीते एक नवंबर को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के लखनऊ, गोरखपुर व रामपुर जिलों में कार्यरत लगभग 30 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं बिना किसी कारण व पूर्व सूचना के समाप्त कर दी गई थीं।

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