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दरोगा पद से भर्ती रिटायर अफसरों का पुनर्मिलन समारोह

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-डीजीपी ने शिरकत करते हुए आर्थिक सहयोग देने का दिया आश्वासन

लखनऊ। निज संवाददाता

हमें याद भी रखना जब लिखो तारीख गुलशन की, हमने भी लुटाया है इस वक्त में आशियां अपना... इस शेर के साथ वर्ष 1970-71 में दरोगा पद पर भर्ती हुए रिटायर अफसर का शनिवार को पुनर्मिलन समारोह का आयोजन महानगर स्थित रेडियो मुख्यालय सभागार में हुआ। डीजीपी ओपी सिंह बतौर मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद रहे। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं, रिटायर अफसरों का कहना है कि मुखबिर खत्म होने के कारण क्राइम का ग्राफ बढ़ रहा है। पुलिस सिर्फ तकनीक पर ही निर्भर होकर रह गई है।

पुलिस विभाग में पहली बार ऐसा हुआ कि रिटायर अफसरों ने काफी मशक्कत के बाद एक दूसरे से सम्पर्क करने के बाद पुनर्मिलन समारोह का आयोजन किया। मुरादाबाद ट्रेनिंग सेंटर से दरोगा का प्रशिक्षण लेने के बाद डिप्टी एसपी होकर रिटायर हुए पुलिस कर्मी सभागार में रुबरु हुए। कार्यक्रम में डीजीपी ओपी सिंह ने रिटायर अफसरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पुरानी परम्पराओं को भूलकर पुलिसिंग नहीं की जा सकती है। उनके वक्त में पुलिस विभाग के पास इतने संसाधन नहीं होते थे। लेकिन आप लोगों की पुलिसिंग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि पुनर्मिलन की इस व्यवस्था को संगठनात्मक रुप दें ताकि इसे आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक मदद दिलाई जा सके। उन्होंने कहा कि थानेदार ही आईपीएस को असली ट्रेनिंग देता है। यह बात याद रखकर जो काम करता है, वहीं कामयाब पुलिस अफसर होता है। रिटायर अफसरों की तरफ से डीजीपी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

तीन दिवसीय रीफ्रेशर कार्यक्रम कराया जाएं: कार्यक्रम का संचालन कर रहे रिटायर सीओ डीपी जुयाल ने बताया कि इस बैच में 173 अफसर शामिल थे। सेवाकाल के दौरान बैच के अफसरों ने 10 गैलेंट्री मेडल, 2 गैलेंट्री अवार्ड, 8 पुलिस पदक, एक रक्षा पदक और एक राज्यपाल का प्रशस्ति पत्र हासिल किया। रिटायर अफसर हरिशंकर शुक्ला ने बताया कि बैच के 51 लोगों का निधन हो चुका है। तीन साथी मुठभेड़ में गोली के शिकार हुए थे और तीन की हत्या हो चुकी है। जबकि 24 लोग किन्हीं कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। रिटायर राम आधार यादव ने सभी की तरफ से डीजीपी से मांग की कि हर बैच के रिटायर अफसरों का पुनर्मिलन कार्यक्रम आयोजित करवाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सेवा के 25 साल पूरे होने पर बैचवार पुलिसकर्मियों का तीन दिवसीय रीफ्रेशर कार्यक्रम भी करवाया जाए।

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