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कपड़ा कारोबारी के घर में लगी आग, दादा पोते झुलसे

- चौक के महमूद नगर में मकान के प्रथम तल पर लगी आग - लपटों के बीच फंसा परिवार, मोहल्ले वालों की मदद से बाहर निकाला- सिविल अस्पताल में भर्ती है बुजुर्ग दादा और पोते लखनऊ। निज संवाददाताचौक के महमूद नगर में कपड़ा कारोबारी के घर में सोमवार तड़के प्रथम तल पर आग लग गई। लपटों की तपिश से रसोई में रखा गैस सिलेण्डर दग गया। आग में फंसे दादा-पोते झुलस गए। हालांकि पड़ोसियों की मदद से उन्हें बाहर निकाल लिया गया। फायर पुलिस ने पांच दमकलों की मदद से करीब तीन घंटे में आग बुझाई। आग में लाखों रुपये का नुकसान होने की बात सामने आ रही है। झुलसे दादा-पोते को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां दादा की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, एफएसओ चौक का कहना है कि आग कैसे लगी। इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। चौक के महमूदनगर मकबरा के पास मोहम्मद इम्तियाज खान बिजली विभाग से रिटायर है। उनके तीन बेटे मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद काशिफ, मोहम्मद इलियास के साथ रहते हैं। पहली मंजिल पर इम्तियाज के तीनों बेटों पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं। जबकि नीचे इम्तियाज और उनकी पत्नी रफत खान रहती हैं। यूसुफ की महमूद नगर में कस्वा कॉटन नाम से कपड़े की दुकान है। शोर मचाते हुए बाहर भागे यूसुफ के मुताबिक सोमवार तड़के उनकी आंख खुली तो देखा कि उनके कमरे में धुंआ भरा था। चारों तरफ आग लगी थी। उन्होंने शोर मचाते हुए घर वालों को उठाना शुरू कर दिया। लपटें उठती देखकर पड़ोसी भी जुटने लगे। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। यूसुफ और उनके भाइयों ने किसी तरह से परिवार को घर के बाहर निकाला। इसी बीच एक जागरूक नागरिक ने फायर पुलिस के कंट्रोल रूम को जानकारी दी। छत पर फंसे बुजुर्ग को निकाला यूसुफ के मुताबिक, मकान की दूसरी मंजिल पर इम्तियाज सो रहे थे। लपटों के कारण उनकी आंख खुल गई। उन्होंने सीढ़ियां उतरने का प्रयास किया लेकिन लपटों के कारण वह नीचे नहीं आ सके। इस पर उन्होंने आग बुझाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। जिससे वह झुलस गए। चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के सुहैल, मुन्ना, युनूस, रफ्फन, हस्सान, शेखू समेत काफी लोग पहुंच गए। उन लोगों ने पड़ोसी मुन्ना के मकान की छत पर चढ़ गए। फिर इम्तियाज के मकान पर बाउण्ड्री वाल पर लगी रेलिंग को काफी मशक्कत के बाद तोड़ा। इसके बाद सीढ़ी की मदद से उन्हें मुन्ना की छत पर उतार लिया। सिलेण्डर फटने से दरकी दीवार व छत यूसुफ ने बताया कि उनका दस वर्षीय बेटा मुस्तफा दिव्यांग है। आग लगने से वह बेटे को किसी तरह से खींचते हुए ले जा रहे थे। उसका अंगारों पर पैर पड़ गया। जिससे वह झुलस गया। मोहल्ले वालों ने किसी तरह से पूरे परिवार को बाहर निकाल लिया और आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इसी बीच गैस सिलेण्डर धमाके के साथ फट गया। जिससे छत और दीवारें दरक गई। करीब 20 मिनट के बाद दमकल पहुंची और आग बुझाई। तन के कपड़े ही बचे फायर पुलिस ने पांच दमकलों की मदद से करीब तीन घंटे में आग बुझाई। आग में अनाज, जेवर, नगदी और गृहस्थी जलकर राख हो गई। बच्चों के गुल्लक में रखे सिक्के तक पिघल गए। घर वालों के तन के कपड़े ही बचे। मोहल्ले वालों ने पीड़ित परिवार को को खाना, कपड़े, पानी और पहनने के लिए चप्पलें दी। यूसुफ ने बताया कि उनके पिता बिजली विभाग से रिटायर है। उनके पेंशन के सारे दस्तावेज, घर वालों के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी आग की भेंट चढ़ गए।

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