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मौलाना ने आदमी भेजकर मंगवाई थी डील की ‘पहली किश्त: डॉ. अमरनाथ

अयोध्या सद्भावना समन्वय महासमिति के महामंत्री डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने मौलाना सलमान नदवी के साथ-साथ आर्ट ऑफ लिविंग के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया। डॉ. अमरनाथ ने कहा कि जहां तक मौलाना की बदनामी का सवाल है, वह आर्ट ऑफ लिविंग के लोगों ने की है। 8 फरवरी को मौलाना और श्रीश्री रविशंकर के बीच मुलाकात हुई थी। संस्था के लोगों ने ही इस बैठक का वीडियो और बातचीत जारी किया था।

‘हिन्दुस्तान के इस सवाल पर कि वह मौलाना से हुई डील का खुलासा पहले भी कर सकते थे? डॉ. अमरनाथ ने जवाब दिया कि मंगलवार को मौलाना सलमान नदवी ने अपना एक आदमी उनके पास भेजा था। उसने मौलाना के साथ हुई डील की पहली किश्त देने को कहा। उसने तर्क दिया कि मौलाना सलमान नदवी और श्रीश्री रविशंकर 20 फरवरी को अयोध्या जाएंगे। पहली किश्त मिलने के बाद ही मौलाना समझौते का प्रस्ताव आगे बढ़ाएंगे। डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि उन्होंने मौलाना सलमान नदवी के उस आदमी का वीडियो बना लिया था। जिसकी क्लिप इंटेलिजेंस विभाग के अधिकारियों को दे दी है। डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद के चंपत राय और विनय कटियार से बात करके सलाह मशविराह करने के बाद उन्होंने मौलाना के खिलाफ हसनगंज कोतवाली में तहरीर दी है।

आर्ट ऑफ लिविंग ने मौलाना पर लगे आरोप को किया खारिज

लखनऊ। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के निष्कासित सदस्य मौलाना सलमान नदवी पर लगे आरोप को आर्ट ऑफ लिविंग ने गलत ठहराया है। आर्ट ऑफ लिविंग की उत्तर प्रदेश इकाई की प्रवक्ता अर्चना सतीश ने ‘हिन्दुस्तान को बताया कि डॉ. अमरनाथ मिश्रा का आर्ट ऑफ लिविंग से कोई ताल्लुक नहीं है। वह न तो संस्था के सदस्य हैं और न ही श्रीश्री रविशंकर ने उन्हें अपना दूत बनाया है। अर्चना सतीश ने बताया कि बुधवार को श्रीश्री ने डॉ. अमरनाथ मिश्रा से इस बारे में पूछा था। इस पर अमरनाथ मिश्रा ने मौलाना सलमान नदवी पर यह तमाम आरोप लगाए थे। अर्चना सतीश ने आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से पक्ष रखते हुए कहा कि मौलाना सलमान नदवी पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

वर्जन

मौलाना सलमान नदवी लंबे समय तक ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य रहे। इस दौरान वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का लगातार विरोध करते रहे। अचानक ऐसा क्या हुआ जो मौलाना समझौते की बात करने लगे। इससे ही समझ जाना चाहिए कि उनके हृदय परिवर्तन के पीछे एक डील है। अगर मौलाना यह कहते हैं कि वह अमरनाथ मिश्रा को नहीं जानते तो 4, 5 व 7 फरवरी की उनकी कॉल डिटेल देखी जा सकती है। जिसमें उनके बीच बात होने की पुष्टि हो जाएगी।

डॉ. अमरनाथ मिश्रा, महामंत्री

अयोध्या सद्भावना समन्वय महासमिति

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