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संशोधित.. बाराबंकी से अपहृत दो बहनें लखनऊ में बदमाशों के चंगुल से भागीं

- कक्षा पांच व एक की छात्रा दोनों बहनें घर से स्कूल के लिए निकली थीं - वैन सवार नकाबपोश बदमाशों ने किया अगवा, डालीगंज में वैन से उतरकर भागीं - आरपीएफ के हेड कांस्टेबल ने बचाया, घरवालों को सूचना देकर किया सुपुर्द लखनऊ/ बाराबंकी। वरिष्ठ संवाददाता बाराबंकी से अगवा दो सगी बहनें यश लक्ष्मी (11) व ऐश्वर्य लक्ष्मी (5) लखनऊ में बदमाशों के चंगुल से निकल भागीं। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की छात्रा यश लक्ष्मी अपनी छोटी बहन ऐश्वर्य लक्ष्मी के साथ गुरुवार सुबह घर से स्कूल के लिए निकली थी। रास्ते में वैन सवार नकाबपोश बदमाशों ने बच्चियों को अगवा कर लिया। बदमाश उन्हें लेकर लखनऊ के डालीगंज पहुंचे और एक जगह चाय पीने के लिए रुके। इस दौरान बच्चियों ने सूझबूझ दिखाई और दरवाजे का लॉक खोलकर निकल भागीं। दोनों भागकर रेलवे स्टेशन के पास मौजूद आरपीएफ के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार मिश्रा से मिलीं और मदद मांगी। आरपीएफ ने घरवालों को सूचना देने के साथ बच्चियों को उनके सुपुर्द कर दिया। इस मामले में घरवालों ने बाराबंकी नगर कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी है। बाराबंकी की लइय्या मण्डी में रहने वाले संजय शर्मा मंदिरों व घरों में पूजा पाठ कराते हैं। उनकी दो बेटियां यश लक्ष्मी कक्षा छह व ऐश्वर्य लक्ष्मी कक्षा एक की छात्रा है। दोनों सिटी मांटेसरी स्कूल में पढ़ती हैं। घरवालों के मुताबिक दोनों बहनें रिक्शे से स्कूल आती-जाती हैं। पर, गुरुवार सुबह 8 बजे तक रिक्शा न आने पर वह पैदल ही स्कूल के लिए निकल गईं। नकाबपोश बदमाशों ने किया अपहरण यश लक्ष्मी ने बताया कि वह छोटी बहन के साथ पैदल जा रही थी। रामसेवक पार्क के पास अचानक एक वैन आकर रुकी। उसमें से उतरे नकाबपोश चार बदमाशों ने उसे पकड़ कर वैन में डाल दिया। यह देख छोटी बहन ऐश्वर्य लक्ष्मी शोर मचाने लगी। इस पर बदमाशों ने उसे भी अगवा कर लिया। बच्चियों ने बताया कि नकाबपोश बदमाशों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और गाड़ी लेकर चल दिए। मासूम बहनों ने बताया कि काफी देर के बाद वैन एक स्थान पर रुकी। चारों बदमाश गाड़ी से उतरे और उनसे कहा कि.. तुम लोग शोर नहीं मचाना, हम चॉकलेट लेकर आ रहे हैं। दरवाजा खोलकर भागी बहनें यश लक्ष्मी ने बताया कि बदमाश गाड़ी लॉक करके चले गए। उनके जाते ही उसने दरवाजे का लॉक खोला और छोटी बहन को लेकर सड़क की ओर भाग खड़ी हुई। यह देख बदमाश भी उनके पीछे भागे। बच्चियों ने बताया कि भागते वक्त उन्होंने सड़क पार खड़े एक पुलिस वाले को देखा और उसके पास जा पहुंची। वर्दी में मौजूद वह शख्स आरपीएफ के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार मिश्रा थे। हेड कांस्टेबल अनिल मिश्रा ने बताया कि बच्चियां उनसे लिपट कर रोने लगीं। उनकी बात सुनकर उन्होंने बदमाशों को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन वह भाग चुके थे। इस पर अनिल दोनों बच्चियों को लेकर सिटी स्टेशन पहुंचे और प्रभारी इंस्पेक्टर अमरनाथ को पूरी घटना बताई। बुआ के पास पहुंचा फोन तो मचा हड़कम्प बच्चियों के घरवालों को घटना की भनक तक नहीं थी। बच्चियों ने आरपीएफ के अधिकारियों को अपनी बुआ श्रुति बाजपेयी का मोबाइल नंबर दिया। इंस्पेक्टर अमरनाथ ने उन्हें फोन करके पूरी बात बताई तो परिवार में हड़कम्प मच गया। श्रुति बाजपेयी फौरन सिटी स्टेशन पहुंची जिसके कुछ देर के बाद बच्चियों के पिता संजय शर्मा भी वहां पहुंच गए। घरवालों से पहचान पत्र लेने के बाद आरपीएफ अधिकारियों ने बच्चियों को उनके सुपुर्द कर दिया। संजय शर्मा ने बताया कि वह घटना का मुकदमा बाराबंकी में दर्ज कराएंगे।

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  • Web Title:crime
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