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‘आवारा कुत्तों से खतरा याचिका विचाराधीन

‘आवारा कुत्तों से खतरा याचिका विचाराधीन

संक्षेप:

Lucknow News - लखनऊ में पिछले वर्ष कुत्तों के काटने से दो बच्चों की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। न्यायालय ने नगर निगम से पूछा कि इस समस्या के समाधान के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। आवारा कुत्तों के...

Aug 13, 2025 07:54 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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पिछले वर्ष कुत्तों से बचने के चक्कर में दो बच्चों की गई थी जान बच्चों की मौत के बाद कोर्ट ने पिछले साल ही स्वतः संज्ञान लिया लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पिछले वर्ष मई में आवारा कुत्तों के काटने से विकास नगर क्षेत्र में दो बच्चों की मृत्यु के बाद मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। उक्त जनहित याचिका फिलहाल विचाराधीन है व सुनवायी के लिए 12 अगस्त को सूचीबद्ध थी लेकिन समय की कमी के कारण सुनवायी नहीं हो सकी। न्यायालयय ने 1 जून 2024 को आवारा कुत्तों द्वारा लोगों खास तौर पर बच्चों पर हो रहे हमलों का स्वतः संज्ञान लेते हुए, नगर निगम, लखनऊ से पूछा था कि इस समस्या के समाधान के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं और समस्या का पूर्णतया समाधान करने में क्या बाधा आ रही है।

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साथ ही वरिष्ठ निबंधक को मामले को ‘आवारा कुत्तों से खतरा नाम से स्वतः संज्ञान जनहित याचिका के तौर पर दर्ज करने का आदेश भी दिया था। पिछले वर्ष एक जून को कुछ अधिवक्ताओं द्वारा न्यायालय के समक्ष अखबारों में छपी उन खबरों को रखा गया जिसमें विकास नगर इलाके में आवार कुत्तों से बचकर भागने के चक्कर में दो बच्चों की मृत्यु हो गई थी। न्यायालय के पूछने पर राज्य सरकार की ओर से बताया गया था कि आवारा कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स, 2023 के तहत किया जा रहा है। इस पर न्यायालय ने टिप्पणी भी की थी कि जिस कुत्ते की नसबंदी व टीकाकरण हो गया है, वह यदि लोगों को काटने लगता है तो इस सम्बंध में क्या उपाय किया गया है। ‘निर्दोष जानवरों को मारने का कोई प्रावधान नहीं वहीं फरवरी 2023 में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में आवारा कुत्तों समेत समस्या पैदा करने वाले पक्षियों व जंतुओं को मारने का आदेश देने की मांग करते हुए, एक जनहित याचिका भी दाखिल की गयी थी। हालांकि न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो नगर निगम को बेगुनाह जानवरों को मारने का आदेश देता हो। यह याचिका मनोज कुमार दुबे की ओर से दाखिल की गयी थी।