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लखनऊ

जनेश्वर मिश्र पार्क के रखरखाव में भ्रष्टाचार

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 09:30 PM
जनेश्वर मिश्र पार्क के रखरखाव में भ्रष्टाचार

आरोप

लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने की शिकायत सीएम से शिकायत

एलडीए ने कहा नहीं हुई कोई गड़बड़ी

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

गोमती नगर विस्तार स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के रख रखाव के टेंडर में अनियमितता का मामला सामने आया है। पार्क के जिस हिस्से का काम पहले स्मारक समिति के कर्मचारी करते थे उन्हें हटाकर उसका टेंडर करा दिया गया है। लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने इस मामले की मुख्यमंत्री से शिकायत की है।

वर्ष 2018 में पार्क के अनुरक्षण यानी रखरखाव का कार्य शुरू किया गया। इससे पहले तक निर्माणाधीन पार्क होने के नाम पर रखरखाव किया जाता था। पार्क को चार भागों में बांट दिया गया। भाग एक के रखरखाव की जिम्मेदारी स्मारक समिति के कर्मियों को दी गई थी। भाग दो, तीन और चार को निजी ठेकेदार को दिया गया। उस समय ठेका मूल्य क्रमश: 74 लाख, 82 और 84 लाख के आस पास था। जो एक साल के लिए अलग-अलग ठेकेदारों को 32% कम मूल्य पर दिया गया। जिसे वर्ष 2018-2019 में पुनः टेंडर निकाला गया तो यह काम 42.5% कम मूल्य से ठेका दिया गया। अब भाग एक से स्मारक समिति के कर्मचारियों को हटा दिया गया। इसके बाद 2 वर्ष के लिए सीधे निविदा मांग ली गयी। सवाल यह भी है कि जब एक साल का ठेका 42.5% के कम दर पर चल रहा है तो उसी काम को प्राधिकरण भाग एक के ठेके को पूरे पैसे में 2 साल के काम के नाम पर क्यो दिया गया। लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने सीएम को पत्र भेजकर इसकी जांच कराने की मांग की है।

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जो टेण्डर आए उसमें से जो योग्य थे उन्हें काम दिया गया। पहले 42.5 प्रतिशत कम पर टेण्डर दिया गया था। लेकिन तब से अब मंहगाई बढ़ गयी है। इसलिए 25 प्रतिशत कम पर टेण्डर हुआ। पार्क के पार्ट एक से स्मारक समिति के कर्मचारियों को हटाने का निर्णय प्रशासनिक है।

इन्दूशेखर सिंह, मुख्य अभियन्ता, एलडीए

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