कमीशनखोरी के आरोपित सहायक निदेशक व प्रधान सहायक निलंबित
- दोनों अभी तक प्रशिक्षण निदेशालय में थे तैनात - उत्पीड़न व वसूली, गिरोहबंद

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता
कमीशनखोरी और उत्पीड़न के आरोप
कमीशनखोरी, उत्पीड़न व वसूली के आरोप में प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार व प्रधान सहायक इमरान अहमद को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए सहायक निदेशक पर जनपदीय बजट में 10 प्रतिशत कमीशन मांगने व प्रधान सहायक पर गिरोहबंद होकर कार्य करने के संगीन आरोप लगे हैं।
अनुशासनिक जांच की प्रक्रिया
प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम की ओर से प्रशिक्षण निदेशालय में कार्यरत सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार के निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में मशीन, उपकरण व साज-सज्जा के लिए भेजे गए बजट का ढंग से उपभोग नहीं किया गया। जिसके चलते धनराशि विभाग को वापस करनी पड़ी। वित्तीय कार्यों में भ्रष्टाचार व सहकर्मियों के अनुसार कार्य न करने पर धमकी देने और अपने पटल के कार्य से इतर जाकर कच्चे माल, साज-सज्जा व उपकरण का बजट देने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन की मांग किए जाने का आरोप लगा है। वर्ष 2024-25 में आहरण-वितरण अधिकारी रहते तमाम अनियमिताएं की। फिलहाल इन्हें निलंबित करते हुए मामले की अनुशासनिक जांच के लिए संयुक्त निदेशक, प्रशिक्षण मयंक गंगवार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार को जांच पूरी होने तक देवीपाटन मंडल के संयुक्त निदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
प्रधान सहायक पर कार्रवाई
दूसरी ओर प्रधान सहायक इमरान अहमद के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विधान परिषद सदस्य डॉ. सुरेन्द्र चौधरी की ओर से पत्र लिखा गया था। पद का दुरुपयोग करने, भ्रष्टाचार, धार्मिक भेदभाव व कर्मचारियों का उत्पीड़न किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। यही नहीं गिरोहबंद होकर कार्य करने का भी आरोप लगाया गया है। ऐसे में इन्हें निलंबित किए जाने का आदेश निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह की ओर से जारी कर दिया गया है।
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