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केजीएमयू में डॉक्टर के सीसी कैमरा लगवाने पर मचा बवाल

केजीएमयू में डॉक्टर के सीसी कैमरा लगवाने पर मचा बवाल

संक्षेप:

Lucknow News - केजीएमयू के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग की अध्यक्ष ने कैमरे की स्थिति पर आपत्ति जताई है। शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की है। डॉक्टर का कहना है कि सुरक्षा के लिए कैमरा लगाया गया था, जबकि विभागाध्यक्ष ने निजता का सवाल उठाया।

Feb 05, 2026 07:39 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग का मामला विभागाध्यक्ष ने डॉक्टर के शिकायत कुलसचिव व चीफ प्रॉक्टर से की शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। केजीएमयू के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। ताजा मामला सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर उपजा है। विभाग के एक डॉक्टर ने अपने कमरे में निजी खर्चे पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया है। इस पर विभाग की अध्यक्ष ने कुलसचिव को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। शिकायत पर जांच कमेटी गठित कर दी गई है। अब विभाग में सीसीटीवी कैमरे लगवाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।

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आरोप है कि कैमरे का आधा हिस्सा कमरे के दरवाजे और बाकी का गैलरी को कवर कर रहा है। जबकि विभागाध्यक्ष ने कुलसचिव व चीफ प्रॉक्टर को पत्र लिखकर कैमरे का फोकस दूसरे कमरे पर होने की बात कही। उस कमरे में पुरुष व महिला कर्मचारी बैठकर काम करते हैं, जिससे कर्मचारी की निजता पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के बाद चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा समेत अन्य अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया। कैमरा हटवाने की सिफारिश की। इसी दौरान विभागाध्यक्ष ने कैमरे को केजीएमयू के आईटी सेल को सुपुर्द सौपकर जांच कराने की मांग की है। फिलहाल डॉक्टर के कमरे में ताला लगा दिया गया है। उधर, पुरुष डॉक्टर का कहना है कि विभाग की अनियमितता को हमने उजागर किया। अपनी सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरा लगवाया है। कैमरे का फोकस दूसरे किसी के कमरे की तरफ नहीं है। यह मुझे बदनाम करने की साजिश है। कैमरा लगवाने से पहले अधिकारियों को पत्र लिखा था लेकिन कोई जवाब नहीं आया। वर्जन शिकायत के बाद मामले के सभी पहलुओं की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। विभाग के बेहतर संचालन के लिए समन्वय बनाने की अपील भी की गई है। डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू