Lucknow News: पहाड़ी नाले पर बांस का सहारा, 20 हजार लोगों की जिंदगी दांव पर

हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News: बलरामपुर के अमरहवा गांव में आजादी के दशकों बाद भी पक्के पुल का सपना अधूरा है। यहां करीब 20 गांवों की लगभग 20 हजार आबादी बांस के अस्थायी पुल के सहारे

पहाड़ी नाले पर बांस का सहारा, 20 हजार लोगों की जिंदगी दांव पर

Lucknow News: तुलसीपुर/बलरामपुर, संवाददाता। मानसून की हर बारिश के साथ विकास के दावों की हकीकत भी बहने लगती है। तुलसीपुर तहसील क्षेत्र के अमरहवा गांव के पास स्थित खरझार पहाड़ी नाला आज भी हजारों ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बना हुआ है। आजादी के दशकों बाद भी यहां पक्के पुल का सपना अधूरा है। नतीजा यह है कि करीब 20 गांवों की लगभग 20 हजार आबादी बांस के अस्थायी पुल के सहारे अपनी जान हथेली पर रखकर आवागमन करने को मजबूर है। बरसात शुरू होते ही खरझार पहाड़ी नाला उफान पर आ जाता है और आसपास के करीब 20 गांवों का संपर्क तहसील व जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है। प्रशासनिक मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर बांस और बल्लियों से अस्थायी पुल तैयार किया। यही जुगाड़ू पुल बच्चों के स्कूल जाने, किसानों की आवाजाही, मरीजों को अस्पताल ले जाने और दैनिक जरूरतों का एकमात्र सहारा बना हुआ है। पुल इतना जर्जर और हिलता-डुलता है कि इसे पार करते समय हर कदम पर हादसे का डर बना रहता है।

जर्जर पुल और उसके खतरे

ग्रामीण प्रहलाद बताते हैं कि बरसात के दिनों में गांव पूरी तरह टापू बन जाते हैं। यदि किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो बड़ी मुश्किल होती है। एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है। कई बार मरीजों को चारपाई या कंधे पर लादकर नाला पार कराया जाता है। ऐसे में हर मानसून ग्रामीणों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होता। आजादी के आठ दशक बाद भी यहां पक्के पुल का सपना अधूरा है।

पुल के अभाव में प्रभावित हो रही रोजमर्रा जिंदगी

तुलसीपुर तहसील क्षेत्र के पुरैछोटन, तिवारीडीह, बड़का अमरहवा, छोटका अमरहवा, खरझार, बुढ़तापुर, नन्हाआपुर, रूपनगर, मिर्जापुर, सुगानगर, विजयीडीह, सुखदेव पुरवा, हिम्मतपुरवा सहित करीब 20 गांव शामिल हैं, जो पुल न होने की समस्या से प्रभावित हैं। हजारों लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती और रोजमर्रा का जीवन इस एक पुल के अभाव में प्रभावित हो रहा है।

नहीं हो रही सुनवाई

ग्राम प्रधान ग्वोधर का कहना है कि खरझार पहाड़ी नाले पर पक्का पुल और संपर्क मार्ग निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

सरकारी प्रयास

कैलाश नाथ शुक्ल, विधायक तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र ने बताया कि पुल निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर उठाया गया है। विशेष प्रयास कर जल्द पुल निर्माण कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की जनता को वर्षों पुरानी इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलसीपुर में पुल की समस्या कब से है?
तुलसीपुर में पुल की समस्या आजादी के आठ दशक बाद भी अधूरी है।
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