
बिना सहमति के मीटरों को प्रीपेड किए जाने के खिलाफ याचिका
Lucknow News - लखनऊ, विशेष संवाददाता। बिना उपभोक्ताओं की सहमति के उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटरों के प्री-पेड में
लखनऊ, विशेष संवाददाता बिना उपभोक्ताओं की सहमति के उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटरों के प्री-पेड में बदल दिए जाने के खिलाफ मंगलवार को राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में विधिक याचिका दाखिल की। सोमवार तक प्रदेश में 33,51,971 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं, जिनमें से उपभोक्ताओं से अनुमति लिए बिना 3,34,561 मीटरों को प्रीपेड में बदल दिया गया। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने दाखिल याचिका में कहा है कि विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन किया जा रहा है। नियामक आयोग बिजली कंपनियों और मीटर लगाने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अधिनियम में 15 दिन की नोटिस के बाद ही बकाये पर बिजली कनेक्शन काटे जाने का प्राविधान है।

प्रीपेड होने पर तो बैलेंस कम होने पर बिना नोटिस के ही कट जाएगा। उन्होंने कहा कि कंज्यूमर राइट रूल 2020 के तहत सभी उपभोक्ता 24 घंटे बिजली पाने, स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद बिजली दरों में 5% की रियायत देने के प्राविधान लागू हों, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सभी मीटरों में चीनी उपकरण लगे हैं, जबकि उन्हें भारतीय बताकर बिजली कंपनियों ने पास कर दिया है। मीटर जंप कर रहे हैं। बिजली का खर्च बढ़ रहा है। इसके बाद भी चेक मीटरों से इन मीटरों का मिलान नहीं हो रहा। उपभोक्ता परेशान हैं।

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