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अब स्वत: संज्ञान ले सकेगा उपभोक्ता फोरम

उपभोक्ता फोरम को मिलेगी और मजबूती

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

नए साल में उपभोक्ता फोरम अपनी नई शक्तियों के साथ ग्राहकों को न्याय दिलाएगा। पीड़ित को बिना कोई मुकदमा दाखिल किए न सिर्फ न्याय मिलेगा बल्कि दोषी को उम्रकैद की सजा भी दे सकेगा। नए प्राविधान में ग्राहकों के साथ ठगी या धोखाधड़ी का फोरम को स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार मिल जाएगा।

90 दिनों में न्याय हो जाएगा जरूरी

उपभोक्ता फोरम में कई मामले ऐसे हैं जो पिछले नौ-दस वर्षों से लटके हैं। न्याय पाने के लिए उपभोक्ता फोरम के चक्कर लगा रहा है। फोरम के न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए नया प्राविधान का गठन किया है जो जनवरी में लागू हो जाएगा। इससे फोरम पहले कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगा। उपभोक्ता को हरहाल में 90 दिन में न्याय दिलने की सख्त व्यवस्था से मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी। सख्त कानून होने से न सिर्फ फोरम के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि उपभोक्ताओं से ठगी या धोखाधड़ी करने से पहले दुकानदार या संस्थान सौ बार सोचने को मजबूर होगा।

फोरम के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट ने भी बहाल रखा

राजर्षि शुक्ल ने कहा कि फोरम ने समय से फ्लैट न देने पर बिल्डर के खिलाफ, रेलवे से चोरी होने पर यात्री को मुआवजा देने का आदेश, बीमा का भुगतान आदि कई मामलों में फोरम के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई लेकिन वहां भी फोरम के फैसले को बहाल रखा गया। उन्होंने कहा कि सूई से लेकर हवाई जहाज तक की खरीद व ग्राहक सेवा से जुड़े हर मामले की सुनवाई फोरम में होती है। ग्राहकों को न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश होती है। नए प्राविधान से ग्राहकों को न सिर्फ जल्द न्याय मिलेगा बल्कि दोषी को सख्त सजा भी मिलेगी। इससे ग्राहकों का फोरम के प्रति भरोसा और बढ़ेगा।

बुजुर्गो के लिए बना पैनल

राजर्षि शुक्ल ने कहा कि बुजुर्गों, दिव्यांगों व वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए फोरम में वकीलों का एक पैनल बनाया गया है। इस पैनल में शामिल वकील उनके मुकदमें मुफ्त लड़ रहे हैं। उन्हें बार-बार अदालत नहीं आना पड़ रहा है। मुकदमों की स्थिति से वकील उनको लगातार बताते भी रहते हैं।

फोरम के लिए नए प्राविधान

उपभोक्ता फोरम को स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार मिल जाएगा। अभी उपभोक्ता को फोरम में मुकदमा दायर करना पड़ता है।

धोखाधड़ी के मामले में पांच वर्ष या उससे अधिक की कैद की सजा दी जा सकेगी।

मामले का निस्तारण हरहाल में 90 दिन में करना होगा।

वकीलों के स्थान पर उपभोक्ता खुद अपनी सुनवाई कर सकेगा।

खाद्य सामग्री में मिलावट के मामलों में उम्रकैद की सजा का प्राविधान है।

ई-व्यावसाय भी उपभोक्ता फोरम के दायरे में आ जाएगा। अमेरिका, यूरोप की तरह देश में भी फोरम महत्वपूर्ण हो जाएगा।

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  • Web Title:Consumer Forum will now be able to automatically get the cognizance